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विदेश से आने के बाद जिले के 600 लोग हुए लापता

Tue, 28 Dec 2021 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 12:36 AM IST
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600 people of the district went missing after coming from abroad
विदेश से आने के बाद जिले के 600 लोग हुए लापता
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बिजनौर। विदेश से लौटे जिले के 600 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इन लोगों को ढूंढने में प्रशासन को भी पूरे जोर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल रहा है। इनमें रेड कंट्री में शामिल देशों से आए 21 लोग भी शामिल हैं। इन लोगों का पता लगाने के बाद इनकी कोरोना की जांच की जानी है।
विदेशों में काम करने या पढ़ने गए 1717 लोग अब तक आ चुके हैं। इन लोगों के पासपोर्ट पर जिले का ही पता दर्ज है, इसलिए इनके आने की रिपोर्ट शासन द्वारा जिले को ही भेजी गई है। नियम के अनुसार विदेश से आने के आठवें दिन इन लोगों को अपनी कोरोना जांच करानी होती है। रविवार को जिले में कोरोना संक्रमित मिला व्यक्ति भी एयरपोर्ट से जांच कराकर आया होगा, लेकिन चार दिन बाद की गई जांच में वह संक्रमित मिला। विदेश से आने वाले लोगों की जांच के लिए उनसे संपर्क किया जाता है। विदेश से आने वाले अब तक करीब 1100 लोगों का ही शासन को पता चला है। बाकी लोग अब भी लापता हैं। खतरे वाली सूची में शामिल देशों से भी 102 लोग वापस आए हैं, लेकिन इनमें से 81 का ही पता अब तक चल पाया है। इन लोगों की हालांकि कोरोना जांच निगेटिव आई है। लेकिन विदेश से आए 600 लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। इनके द्वारा एयरपोर्ट में लिखवाए गए नंबर या तो बंद आ रहे हैं या फिर उन्होंने अपने विदेशी नंबर ही वहां लिखवा दिए थे। इन लोगों को ढूंढने में अब जिला प्रशासन को पसीने छूट रहे हैं। इन्हें ढूंढने के प्रयास भी विफल साबित हो रहे हैं।
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बन सकती है खतरनाक स्थिति
ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सबसे पहले विदेशों में ही आए हैं। साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड आदि देशों को खतरे की सूची वाले देशों में शामिल किया गया है। ऐसे में इन देशों से आए लोगों का न मिलना खतरनाक स्थिति बना सकता है। कोरोना में पहले विदेश से आने वाले लोगों के घर से सैंपल लेने के लिए कर्मचारी तैनात थे। दूसरी लहर समाप्त होने के बाद इन लोगों की संविदा समाप्त कर दी गई थी। ऐसे में इन लोगों से फोन करके अस्पताल में सैंपल देने के लिए कहा जाता है। इसमें भी ये लोग लापरवाही बरत रहे हैं।
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एयरपोर्ट की रिपोर्ट पर ही भरोसा
एयरपोर्ट पर आने पर सभी की जांच की जा रही है। संक्रमित न होने वालों को घर भेजा जा रहा है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो वह उस समय संक्रमित न हों। वह उससे कुछ देर पहले भी संक्रमित हो सकता है। इसलिए ही आठ दिन बाद इनकी जांच की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ये लोग खुद को ठीक समझकर नंबर बंद करने की गलती कर रहे हैं जो भारी पड़ सकती है।
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