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बिलाई चीनी मिल को सोफ्ट लोन देने से एसबीआई ने किए हाथ खड़े

Mon, 31 Dec 2018 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:18 AM IST
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बिलाई चीनी मिल को सोफ्ट लोन देने से एसबीआई ने किए हाथ खड़े
वेव ग्रुप की चीनी मिलों को लोन देने पर फंसा पेंच
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बिजनौर। बिलाई चीनी मिल को बैंकों ने सॉफ्ट लोन देने से मना कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से दिलाया जाने वाले इस सॉफ्ट लोन से किसानों के पिछले साल के बकाया गन्ने का भुगतान किया जाना था। वेव ग्रुप की बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल की फाइल को शासन से मंजूरी नहीं मिली है। इन दोनों चीनी मिल पर करीब 99 करोड़ रुपया बकाया है। सॉफ्ट लोन न मिलने से अब मिल और किसान दोनों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। मिल अधिकारी चीनी स्टॉक को बेचकर ही गन्ना भुगतान करने की बात कह रहे हैं।
जिले की बिलाई चीनी मिल बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड ग्रुप की इकाई है। मिल में हजारों किसानों के गन्ने की पेराई होती है। मिल द्वारा पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान अब तक नहीं किया गया है। अब भी मिल पर पिछले पेराई सत्र का 38 करोड़ रुपया बकाया है। गन्ने की अधिक पैदावार से मूल्य गिरने के कारण चीनी का स्टॉक नहीं बिक पाया था। इस वजह से चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान नहीं हो पाया था। किसानों के हंगामे के बाद प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन दिलाया था। इस लोन से किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान होना था। जिले की चीनी मिलों ने इसके लिए आवेदन किया था। कागज पूरे होने पर इन चीनी मिलों को बैंकों ने सॉफ्ट लोन दे दिया था। बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड की बिलाई चीनी मिल ने भी सॉफ्ट लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन बैंक ने चीनी मिल को लोन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार ग्रुप पर नए प्रोजेक्ट आदि शुरू करने के लिए पहले से ही एसबीआई का काफी लोन है। जब तक उस लोन को जमा नहीं किया जाता, तब तक बैंक ने मिल को नया लोन देने से मना कर दिया है। इससे चीनी मिल और किसानों दोनों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
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वेव ग्रुप के सॉफ्ट लोन पर फंसा पेंच
वेव ग्रुप की चीनी मिल पहले सरकारी क्षेत्र की थीं। इन्हें बसपा सरकार द्वारा बेचे जाने के मामले में सीबीआई जांच चल रही है। इन दोनों मिलों पर 61 करोड़ का बकाया है। सूत्रों के मुताबिक ऐसी विवादित संपत्ति पर लोन होने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक है।
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99 करोड़ है बकाया
चीनी मिल पर किसानों का अब भी पिछले साल का 99 करोड़ रुपया बकाया है। चीनी मिल के अधिकारी अब इस राशि के भुगतान के लिए पूरी तरह से चीनी के स्टॉक पर ही निर्भर हैं। चीनी मिल को जल्द से जल्द चीनी बेचकर भुगतान करने के लिए जिला प्रशासन ने भी पूरा सहयोग करने की बात कही है। मिल से जल्द से जल्द रैक व खेप लगाने के लिए कहा गया है।

तो आंदोलन से होगी नए साल की शुरूआत: दिगंबर
भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार सभी चीनी मिलों ने 25 दिसंबर तक गन्ना भुगतान कराने का वादा किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 दिसंबर तक गन्ना भुगतान कराने की घोषणा की है। किसान सोमवार को अधिकारियों से भुगतान के संबंध में मिलेंगे। अगर शत प्रतिशत भुगतान न हुआ तो नए साल की शुरूआत आंदोलन से होगी।
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