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दिल्ली पुलिस प्रशासन के भाकियू की क्रांति यात्रा पर रोक लगा देने से किसानों में उबाल
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:09 AM IST
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क्रांतियात्रा पर रोक लगाने का विरोध
धामपुर। दिल्ली पुुलिस प्रशासन दिल्ली को सील कर भाकियू की ओर से निकाली जा रही क्रांतियात्रा पर रोक लगाने से किसानों में उबाल है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की बात को नहीं सुन नहीं रही है। उधर, किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली को सील कर यात्रा पर रोक लगाने का प्रयास हर तरह से अनुचित है।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष सरदार मलकीत सिंह, रणजीत सिंह, भारतभूषण, बलराम सिंह, वीरेंद्र सिंह, हरिराज सिंह, चेतन सिंह, देवराज सिंह, कविराज सिंह, गजेंद्र सिंह टिकैत का कहना है कि भाकियू की इस क्रांतियात्रा को दो अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर दिल्ली में पहुंचना था। पर दिल्ली प्रशासन ने दिल्ली को सील कर उनकी यात्रा पर रोक लगा दी। आरोप लगाया कि 2019 में केंद्र सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद लोकसभा चुुनाव नजदीक हैं। केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं के निदान न कर उन्हें धोखा दिया है। प्रदेश का किसान बर्बादी के कगार पर है। मिलों से गन्ना मूल्य न मिलने पर उनके बच्चों के नाम स्कूल कालेजों से प्रथक हो रहे है। जबकि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद किसानों, मजदूरों की समस्याओं को तीन माह के भीतर समाधान करने का दावा किया था। गौरतलब है कि भाकियू की ओर से यह क्रांतियात्रा देश के किसानों की पूर्ण कर्जमाफी, उपज की सही कीमत दिलाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है। इस यात्रा को रोकना पूरी तरह अनुचित है।
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धामपुर। दिल्ली पुुलिस प्रशासन दिल्ली को सील कर भाकियू की ओर से निकाली जा रही क्रांतियात्रा पर रोक लगाने से किसानों में उबाल है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की बात को नहीं सुन नहीं रही है। उधर, किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली को सील कर यात्रा पर रोक लगाने का प्रयास हर तरह से अनुचित है।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष सरदार मलकीत सिंह, रणजीत सिंह, भारतभूषण, बलराम सिंह, वीरेंद्र सिंह, हरिराज सिंह, चेतन सिंह, देवराज सिंह, कविराज सिंह, गजेंद्र सिंह टिकैत का कहना है कि भाकियू की इस क्रांतियात्रा को दो अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर दिल्ली में पहुंचना था। पर दिल्ली प्रशासन ने दिल्ली को सील कर उनकी यात्रा पर रोक लगा दी। आरोप लगाया कि 2019 में केंद्र सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद लोकसभा चुुनाव नजदीक हैं। केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं के निदान न कर उन्हें धोखा दिया है। प्रदेश का किसान बर्बादी के कगार पर है। मिलों से गन्ना मूल्य न मिलने पर उनके बच्चों के नाम स्कूल कालेजों से प्रथक हो रहे है। जबकि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद किसानों, मजदूरों की समस्याओं को तीन माह के भीतर समाधान करने का दावा किया था। गौरतलब है कि भाकियू की ओर से यह क्रांतियात्रा देश के किसानों की पूर्ण कर्जमाफी, उपज की सही कीमत दिलाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है। इस यात्रा को रोकना पूरी तरह अनुचित है।
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