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जिले में बिना मान्यता के चलते मिले 422 मदरसे
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जिले में बिना मान्यता के चलते मिले 422 मदरसे
बिजनौर। जिले में बिना शासकीय मंजूरी के 422 मदरसे चलते मिले हैं। सबसे अधिक अमान्य मदरसे धामपुर तहसील में चल रहे हैं। दूसरे नंबर पर नजीबाबाद तहसील है।
शासन ने बिना शासकीय मान्यता के चल रहे मदरसों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय टीम बनाई गई है। टीम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा बीएसए शामिल हैं। अमान्य मदरसों का पता लगाने की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन ने बताया कि जिले में बिना शासकीय मंजूरी के 422 मदरसे चलते मिले हैं। टीम ने मदरसों के संचालकों से करीब एक दर्जन बिंदुओं पर जानकारी ली है। अमान्य मदरसों की सूची डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
कहां कितने अमान्य मदरसे
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन ने बताया कि सबसे अधिक 108 मदरसे धामपुर तहसील में चल रहे हैं। इसके बाद नजीबाबाद तहसील में 105 मदरसे, चांदपुर तहसील में 96 मदरसे, बिजनौर तहसील में 60 मदरसे, नगीना तहसील में 53 मदरसे बिना शासन की मंजूरी के चलते मिले हैं। पुन: परीक्षण के बाद सूची एडीएम के माध्यम से 30 अक्तूबर तक डीएम को सौंप दी जाएगी।
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बिजनौर। जिले में बिना शासकीय मंजूरी के 422 मदरसे चलते मिले हैं। सबसे अधिक अमान्य मदरसे धामपुर तहसील में चल रहे हैं। दूसरे नंबर पर नजीबाबाद तहसील है।
शासन ने बिना शासकीय मान्यता के चल रहे मदरसों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय टीम बनाई गई है। टीम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा बीएसए शामिल हैं। अमान्य मदरसों का पता लगाने की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन ने बताया कि जिले में बिना शासकीय मंजूरी के 422 मदरसे चलते मिले हैं। टीम ने मदरसों के संचालकों से करीब एक दर्जन बिंदुओं पर जानकारी ली है। अमान्य मदरसों की सूची डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
कहां कितने अमान्य मदरसे
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन ने बताया कि सबसे अधिक 108 मदरसे धामपुर तहसील में चल रहे हैं। इसके बाद नजीबाबाद तहसील में 105 मदरसे, चांदपुर तहसील में 96 मदरसे, बिजनौर तहसील में 60 मदरसे, नगीना तहसील में 53 मदरसे बिना शासन की मंजूरी के चलते मिले हैं। पुन: परीक्षण के बाद सूची एडीएम के माध्यम से 30 अक्तूबर तक डीएम को सौंप दी जाएगी।
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