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अल्ट्रासाउंड के लिए 30, सिटी स्कैन के लिए 40 दिन की वेटिंग
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अल्ट्रासाउंड के लिए 30, सिटी स्कैन के लिए 40 दिन की वेटिंग
बिजनौर। जिला अस्पताल में सिटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए डेढ़ माह बाद की तारीख दिए जाने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। गंभीर मामलों में तुरंत इलाज कराने के लिए मरीजों को निजी अस्पलातों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन में लंबी वेटिंग से मरीज हलाकान हैं। सोमवार को चंदक क्षेत्र के गांव चंदोक निवासी धीर सिंह ने बताया कि वह अपनी बेटी का इलाज कराने के लिए अस्पताल आया था। जांच के बाद चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंचने पर उन्हें आठ दिसंबर की तारीख दी गई है। उन्होंने कहा कि इस बीच उनकी बेटी को कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। नहटौर थाना क्षेत्र के गांव नसीरपुर सलामताबाद निवासी विरेंद्र कुमार ने बताया कि छत से गिरने पर उसे गंभीर चोटें आई थी। परिजनों ने उसे नहटौर के सरकारी अस्पताल में दिखाया। वहां के चिकित्सक ने उसे सिटी स्कैन के लिए लिखा था। लेकिन जिला अस्पताल में उन्हें 25 अक्टूबर की तारीख दी गई है। वह चलने फिरने की स्थिति में नहीं है। लोग प्राइवेट अस्पतालों तथा जांच केंद्रों पर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस सुखबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। तारीख इतनी लंबी क्यों दी जा रही है इसकी जांच कराई जाएगी।
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बिजनौर। जिला अस्पताल में सिटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए डेढ़ माह बाद की तारीख दिए जाने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। गंभीर मामलों में तुरंत इलाज कराने के लिए मरीजों को निजी अस्पलातों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन में लंबी वेटिंग से मरीज हलाकान हैं। सोमवार को चंदक क्षेत्र के गांव चंदोक निवासी धीर सिंह ने बताया कि वह अपनी बेटी का इलाज कराने के लिए अस्पताल आया था। जांच के बाद चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंचने पर उन्हें आठ दिसंबर की तारीख दी गई है। उन्होंने कहा कि इस बीच उनकी बेटी को कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। नहटौर थाना क्षेत्र के गांव नसीरपुर सलामताबाद निवासी विरेंद्र कुमार ने बताया कि छत से गिरने पर उसे गंभीर चोटें आई थी। परिजनों ने उसे नहटौर के सरकारी अस्पताल में दिखाया। वहां के चिकित्सक ने उसे सिटी स्कैन के लिए लिखा था। लेकिन जिला अस्पताल में उन्हें 25 अक्टूबर की तारीख दी गई है। वह चलने फिरने की स्थिति में नहीं है। लोग प्राइवेट अस्पतालों तथा जांच केंद्रों पर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस सुखबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। तारीख इतनी लंबी क्यों दी जा रही है इसकी जांच कराई जाएगी।
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