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Bijnor News: संदेह के घेरे में 33 करोड़ का कारोबार, 551 व्यापारियों को जीएसटी नोटिस

Fri, 16 Oct 2026 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:28 AM IST
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33 crore worth of business under suspicion, GST notices to 551 traders
अमन कुमार शर्मा
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बिजनौर। जिले में लगातार जीएसटी चोरी के मामले पकड़ में आ रहे हैं। बिजनौर में 33 करोड़ रुपये के कारोबार में जीएसटी विसंगति का खुलासा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से स्क्रूटनी में हुआ है। अब जीएसटी विभाग ने 551 व्यापारियों को अंतिम नोटिस जारी किया है। सुनवाई के बाद व्यापारियों पर टैक्स, जुर्माने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जीएसटी चोरी को रोकने के लिए एआई टूल काम कर रहा है। सत्र 2022-23 में पंजीकृत व्यापारियों के कारोबार की स्क्रूटनी की गई, जिसमें 1733 मामलों में एआई ने विसंगति पकड़ी। जिसके चलते इन्हें नोटिस जारी किए गए। स्थलीय जांच में 595 प्रकरण सही पाए गए। इसके बाद 1121 व्यापारियों को जीएसटी विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। इनमें खरीद, बिक्री में आईटीसी, टीडीएस कटौती में विसंगति पाई गई। नोटिस के बाद 570 मामलों में व्यापारियों ने संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद इन मामलों को निस्तारित करते हुए बंद कर दिया। नोटिस में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अब जीएसटी विभाग ने 551 व्यापारियों को जीएसटी धारा 73 एवं 74 के तहत अंतिम नोटिस जारी किया है।
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क्या है जीएसटी अधिनियम की धारा 74

जीएसटी अधिनियम की धारा 74 धोखाधड़ी, जानबूझकर तथ्य छिपाने, गलत बयानबाजी के बिना कर का भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई होती है। इसके अलावा कम भुगतान करने, गलत रिफंड करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत तरीके से लाभ उठाने में धारा 74 की कार्रवाई होती है। इसमें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
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एआई से हुई स्क्रूटनी में मिली ये विसंगति

-व्यापारी ने कम टर्नओवर घोषित किया

-व्यापारियों ने कम टैक्स स्वीकार किया

-आईटीसी अधिक क्लेम की

-व्यापारियों ने टीडीएस नहीं काटा

बढ़ सकती है टैक्स की धनराशि

नोटिस जारी होने के बाद व्यापारियों से जवाब मांगा जा रहा है। इसके बाद जीएसटी विभाग के अधिकारी कारोबार पर बकाया टैक्स की पोर्टल से जांच करेंगे। जांच में अभी टैक्स की धनराशि बढ़ने की संभावना है।
दिसंबर तक होना है सभी मामलों का निस्तारण

जीएसटी जमा करने में झोल करने वाले व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित थी। ऐसे में अब दिसंबर माह तक सभी मामलों का निस्तारण होना है। इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय जीएसटी अधिकारियों को दी गई है।

इन माध्यमों से प्राप्त की जा रही कारोबार की सूचना

जीएसटी विभाग इनकम टैक्स विभाग, कंपनी एक्ट, बैंक, तहसील आदि जगह से गोपनीय तरीकों से सूचना एकत्र कर रहा है। इसलिए, मामले तेजी से पकड़ में आ रहे हैं। इससे टैक्स जमा कराने में मदद मिल रही है।


टैक्स चोरी रोकने के लिए एआई से भी स्क्रूटनी चल रही है। इसी के आधार पर जांच करने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं। सभी व्यापारी वास्तविक टर्नओवर के हिसाब से ही टैक्स की अदायगी करें। ....राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), जीएसटी, बिजनौर
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