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पुलिसकर्मियों को मिलेगी वर्दी भते में की गई कटौती की रकम
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:05 AM IST
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शासन ने की थी 25 प्रतिशत वर्दी भत्ते में वृद्घि, 270 रुपये कम कर खाते में भेजी गई थी
1360 पुलिसकर्मियों के खाते से की गई थी 3.67 लाख की कटौती
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते में खाकी ने खाकी के साथ ही घोटाला कर दिया। करीब चार लाख का घोटाला पकड़ा गया। हालांकि इस मामले में दोषी बाबुओं को पुलिस अधीक्षक ने हिदायत देकर छोड़ दिया। पुलिस कर्मियों को वर्दी भत्ते का पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
सिपाहियों को 1800 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से वर्दी भत्ता दिया जाता था। यह सिपाहियों से लेकर मुख्य आरक्षी तक को हर वर्ष मिलता है। जबकि उपनिरीक्षकों को पांच साल बाद वर्दी भत्ता दिया जाता है। उनको यह छह हजार रुपये के हिसाब से मिलता है। इस साल सिपाहियों के वर्दी भत्ते में 25 फीसद की वृद्घि की गई। जिसके बाद प्रति पुलिसकर्मी को 2250 रुपये के हिसाब से वर्दी भत्ता दिया जाना चाहिए था, मगर पुलिस आफिस कार्यालय के बाबुओं ने खेल करते हुए पुलिसकर्मियों के खाते में 1980 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से भेजे थे। बाबुओं ने प्रति पुलिसकर्मी के खाते से 270 रुपये की कटौती कर रकम अपनी जेब में रख ली थी। सात अप्रैल को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डा. शिवा शिंपी चनप्पा व तत्कालीन एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामला गंभीरता से लिया। जांच में बाबुओं का खेल पकड़ा गया। इसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ती कि दोनों अफसरों का ट्रांसफर हो गया। अब नए एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बाबुओं को सुधरने की हिदायत दी। वर्दी भत्ते में की गई कटौती की रकम पुलिस कर्मियों के खाते में भेजने के निर्देश दिए।
3.67 लाख रुपये कटौती की गई थी
जनपद में 1360 सिपाही और एचसीपी हैं। पुलिस आफिस के बाबुओं ने प्रति पुलिसकर्मी के खाते से 270 रुपये की कटौती की। 1360 पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते से की गई कटौती 3 लाख, 67 हजार 200 रुपये बनती है। कटौती की यह रकम बाबुओं के खाते में जा रही थी। कार्रवाई के डर से पुलिसकर्मी मुंह खोलने को तैयार नहीं थे।
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डीआईजी ने लगाई थी फटकार
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाबू टीए, डीए, वर्दी भत्ते समेत तमाम मदों में पुलिसकर्मियों को वर्षों से चूना लगा रहे हैं। एसपी के फर्जी हस्ताक्षर कर दो लाख का चेक काटने में खजांची अजय कुमार सिंह सस्पेंड किया जा चुका है। इधर मामला संज्ञान में आने पर अमर उजाला ने सात अप्रैल के अंक में बाबू लगा रहे पुलिसकर्मियों को 270 रुपये का चूना खबर प्रकाशित की।
पुलिस आफिस के बाबुओं से पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ता ट्रांसफर में गलती हो गई थी। गलती किसी से भी हो सकती है। उनको वर्दी भत्ते की वृद्घि की धनराशि पुलिसकर्मियों के खाते में भेजने के निर्देश दिए हैं। पूरी रकम खाते में भेजी जाएगी।
-संतोष कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक।
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1360 पुलिसकर्मियों के खाते से की गई थी 3.67 लाख की कटौती
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते में खाकी ने खाकी के साथ ही घोटाला कर दिया। करीब चार लाख का घोटाला पकड़ा गया। हालांकि इस मामले में दोषी बाबुओं को पुलिस अधीक्षक ने हिदायत देकर छोड़ दिया। पुलिस कर्मियों को वर्दी भत्ते का पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
सिपाहियों को 1800 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से वर्दी भत्ता दिया जाता था। यह सिपाहियों से लेकर मुख्य आरक्षी तक को हर वर्ष मिलता है। जबकि उपनिरीक्षकों को पांच साल बाद वर्दी भत्ता दिया जाता है। उनको यह छह हजार रुपये के हिसाब से मिलता है। इस साल सिपाहियों के वर्दी भत्ते में 25 फीसद की वृद्घि की गई। जिसके बाद प्रति पुलिसकर्मी को 2250 रुपये के हिसाब से वर्दी भत्ता दिया जाना चाहिए था, मगर पुलिस आफिस कार्यालय के बाबुओं ने खेल करते हुए पुलिसकर्मियों के खाते में 1980 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से भेजे थे। बाबुओं ने प्रति पुलिसकर्मी के खाते से 270 रुपये की कटौती कर रकम अपनी जेब में रख ली थी। सात अप्रैल को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डा. शिवा शिंपी चनप्पा व तत्कालीन एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामला गंभीरता से लिया। जांच में बाबुओं का खेल पकड़ा गया। इसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ती कि दोनों अफसरों का ट्रांसफर हो गया। अब नए एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बाबुओं को सुधरने की हिदायत दी। वर्दी भत्ते में की गई कटौती की रकम पुलिस कर्मियों के खाते में भेजने के निर्देश दिए।
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3.67 लाख रुपये कटौती की गई थी
जनपद में 1360 सिपाही और एचसीपी हैं। पुलिस आफिस के बाबुओं ने प्रति पुलिसकर्मी के खाते से 270 रुपये की कटौती की। 1360 पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते से की गई कटौती 3 लाख, 67 हजार 200 रुपये बनती है। कटौती की यह रकम बाबुओं के खाते में जा रही थी। कार्रवाई के डर से पुलिसकर्मी मुंह खोलने को तैयार नहीं थे।
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डीआईजी ने लगाई थी फटकार
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाबू टीए, डीए, वर्दी भत्ते समेत तमाम मदों में पुलिसकर्मियों को वर्षों से चूना लगा रहे हैं। एसपी के फर्जी हस्ताक्षर कर दो लाख का चेक काटने में खजांची अजय कुमार सिंह सस्पेंड किया जा चुका है। इधर मामला संज्ञान में आने पर अमर उजाला ने सात अप्रैल के अंक में बाबू लगा रहे पुलिसकर्मियों को 270 रुपये का चूना खबर प्रकाशित की।
पुलिस आफिस के बाबुओं से पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ता ट्रांसफर में गलती हो गई थी। गलती किसी से भी हो सकती है। उनको वर्दी भत्ते की वृद्घि की धनराशि पुलिसकर्मियों के खाते में भेजने के निर्देश दिए हैं। पूरी रकम खाते में भेजी जाएगी।
-संतोष कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक।