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वन विभाग की गायब हो गई 300 बीघा जमीन

Tue, 22 Feb 2022 12:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Feb 2022 12:50 AM IST
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300 bigha land of forest department disappeared
वन विभाग की गायब हो गई 300 बीघा जमीन
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। बिजनौर और चांदपुर तहसील में वन विभाग की 25 हेक्टेयर (300 बीघा) जमीन गायब हो गई। यह चौंकाने वाला खुलासा खुद वन विभाग की जांच में सामने आया है। हस्तिनापुर सेंक्चुअरी के लिए चल रहे नोटिफिकेशन के दौरान वन विभाग ने बिजनौर और चांदपुर तहसील से रिकॉर्ड मांगा तो दो तहसीलों से पूरी जमीन का रिकॉर्ड नहीं मिल सका। पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। डीएफओ ने राजस्व विभाग को पत्र लिखकर अपनी 25 हेक्टेयर जमीन का हिसाब मांगा है।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी का क्षेत्र बिजनौर वन डिवीजन में बिजनौर और चांदपुर तहसील में लगता है। हाल ही में सौ से ज्यादा गांवों को सेंक्चुअरी से बाहर करने की प्रक्रिया पूरी हुई है। इसी के तहत वन विभाग इन दोनों तहसीलों में अपनी जमीन को भी चिह्नित करने का काम कर रहा था। वन अधिकारियों ने राजस्व विभाग में उपलब्ध अभिलेखों के साथ अपने भूमि अभिलेखों का मिलान किया तो चौंक गए। गंगा के किनारे चांदपुर, दत्तियाना, सलेमपुर, दारानगर गंज, रावली और मंडावर समेत करीब 25 गांवों में 25 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में ही नहीं है। डीएफओ अनिल पटेल ने बताया कि हम अपने रिकॉर्ड का अध्ययन कर रहे हैं। हमें तहसील से मात्र 3775 हेक्टेयर जमीन का रिकॉर्ड ही मिला है, जबकि वन विभाग की इन दोनों तहसीलों में 3800 हेेक्टेयर जमीन है। (संवाद)
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धारा 20 के तहत मिली थी जमीन, नहीं हो सकते पट्टे
वन विभाग को इन दोनों तहसीलों में जमीन धारा 20 के तहत मिली थी। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 1964, 1965 और 1990 में धारा 20 के तहत वन विभाग को यह जमीन दी गई थी। वन विभाग को मिली जमीन का रिकॉर्ड तहसीलों को ही रखना होता है। इस जमीन को राजस्व विभाग न तो किसी को पट्टे पर दे सकता है और न ही इसे बेचा या खरीदा जा सकता है। वन विभाग की जो जमीन रिकॉर्ड में गायब हुई है, उसका बड़ा हिस्सा हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में है और गंगा किनारे की जमीन है। आशंका है कि राजस्व अफसरों और कुछ पुराने वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से वन विभाग की जमीन किसी अन्य के नाम स्थानांतरित कर दी गई या पट्टे काट दिए गए हैं। तहसीलों के पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर इसका पूरा सच सामने आ सकता है।
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संयुक्त सर्वे में सच आएगा सामने : डीएफओ
डीएफओ बिजनौर अनिल पटेल ने बताया कि राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है और संयुक्त टीम का गठन करके सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में सामने आएगा कि वन विभाग की 25 हेक्टेयर जमीन कहां गई। हम अपने रिकॉर्ड भी खंगाल रहे हैं। अभी दत्तियाना का रिकॉर्ड आना बाकी है।

कोट
वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम का गठन कर सर्वे कराया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। हो सकता है कि अभी किसी गांव का पूरा रिकॉर्ड न मिला हो। यदि कहीं गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश मिश्रा, डीएम
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