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खेत-खलिहान के अग्निकांड में मिलेगा 30 हजार रुपये मुआवजा
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खेत-खलिहान के अग्निकांड में मिलेगा 30 हजार रुपये मुआवजा
धामपुर (बिजनौर)। मुख्यमंत्री खेत खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना में अब पीड़ित किसानों को अब 15 हजार रुपये की बजाय 30 हजार रुपे का मुआवजा दिया जाएगा। प्रदेश के सीएम की ओर से किसानों के हित में यह संशोधन हुआ है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि जिन किसानों की खेतों में फसल जल गई है वे योजना के तहत ऑनलाइन दावा पेश कर लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ तभी मिलेगा जो नियम शर्तों के अनुसार अग्निकांड के दावों को विभाग के पोर्टल edistrict.up.gov.in में ऑनलाइन करेंगे। इस साल अभी तक क्षेत्र में केवल एक किसान का योजना के तहत दावा किया जा गया है।
मंडी सचिव ने बताया कि सरकार ने योजना के तहत सहायता धनराशि की सीमा को निर्धारित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मंडी क्षेत्रों में स्थित खलिहानों में मंड़ाई हेतु रखी फसल, उपज, अवशेष अंश एवं खरीफ फसल की अग्नि दुर्घटना से हुई क्षति हेतु वित्तीय सहायता मंडी परिषद की संचालित है। योजना में मंडी समितियों के क्षेत्र अंतर्गत खलिहान में एकत्रित एवं खेत में खड़ी फसल में अग्निकांड दुर्घटना में हुई क्षति आच्छादित होगी। (संवाद)
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अब 15 के स्थान पर 30 हजार की मिलेगी सहायता धनराशि : सचिव
सचिव ने बताया कि किसी किसान की एक हेक्टेयर तक खड़ी फसल क्षतिग्रस्त होती है तो उसे 30 हजार रुपये , एक से दो हेक्टेयर के लिए 40 हजार रुपसे और और दो हेक्टेयर से अधिक क्षतिग्रस्त होने की दशा में अधिकतम 50 हजार रुपये सहायता धनराशि उपलब्ध किए जाने का प्रावधान है। जबकि इससे पहले यह सहायता धनराशि 15 हजार, 20 हजार और 30 हजार रुपये थी।
दुर्भावना वश फसल जलाई तो नहीं मिलेगा लाभ
सचिन का कहना है कि अग्नि दुर्घटना का तात्पर्य यह है कि बाह्य दृष्टिगत कारणों से अग्नि कांड हुआ हो, बिजली गिरने से आग लगी हो तो इस दशा में ही सहायता धनराशि दी जाएगी। किसी सार्वजनिक दंगे या सार्वजनिक प्राधिकरण के आदेश पर फसल या उपज आदि जलाई गई हो या कृषक की ओर से दुर्भावना वश फसल जलाई गई हो तो वह इस योजना की परिधि में आच्छादित नहीं होगी।
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धामपुर (बिजनौर)। मुख्यमंत्री खेत खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना में अब पीड़ित किसानों को अब 15 हजार रुपये की बजाय 30 हजार रुपे का मुआवजा दिया जाएगा। प्रदेश के सीएम की ओर से किसानों के हित में यह संशोधन हुआ है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि जिन किसानों की खेतों में फसल जल गई है वे योजना के तहत ऑनलाइन दावा पेश कर लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ तभी मिलेगा जो नियम शर्तों के अनुसार अग्निकांड के दावों को विभाग के पोर्टल edistrict.up.gov.in में ऑनलाइन करेंगे। इस साल अभी तक क्षेत्र में केवल एक किसान का योजना के तहत दावा किया जा गया है।
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मंडी सचिव ने बताया कि सरकार ने योजना के तहत सहायता धनराशि की सीमा को निर्धारित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मंडी क्षेत्रों में स्थित खलिहानों में मंड़ाई हेतु रखी फसल, उपज, अवशेष अंश एवं खरीफ फसल की अग्नि दुर्घटना से हुई क्षति हेतु वित्तीय सहायता मंडी परिषद की संचालित है। योजना में मंडी समितियों के क्षेत्र अंतर्गत खलिहान में एकत्रित एवं खेत में खड़ी फसल में अग्निकांड दुर्घटना में हुई क्षति आच्छादित होगी। (संवाद)
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अब 15 के स्थान पर 30 हजार की मिलेगी सहायता धनराशि : सचिव
सचिव ने बताया कि किसी किसान की एक हेक्टेयर तक खड़ी फसल क्षतिग्रस्त होती है तो उसे 30 हजार रुपये , एक से दो हेक्टेयर के लिए 40 हजार रुपसे और और दो हेक्टेयर से अधिक क्षतिग्रस्त होने की दशा में अधिकतम 50 हजार रुपये सहायता धनराशि उपलब्ध किए जाने का प्रावधान है। जबकि इससे पहले यह सहायता धनराशि 15 हजार, 20 हजार और 30 हजार रुपये थी।
दुर्भावना वश फसल जलाई तो नहीं मिलेगा लाभ
सचिन का कहना है कि अग्नि दुर्घटना का तात्पर्य यह है कि बाह्य दृष्टिगत कारणों से अग्नि कांड हुआ हो, बिजली गिरने से आग लगी हो तो इस दशा में ही सहायता धनराशि दी जाएगी। किसी सार्वजनिक दंगे या सार्वजनिक प्राधिकरण के आदेश पर फसल या उपज आदि जलाई गई हो या कृषक की ओर से दुर्भावना वश फसल जलाई गई हो तो वह इस योजना की परिधि में आच्छादित नहीं होगी।