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विवेक कॉलेज में सेमिनार में प्रस्तुत किए गए 60 शोध पत्र
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स्टेप एचबीटीआई में सेमिनार
बिजनौर। विवेक कॉलेज में उच्च शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसमें पहले दिन 60 शोधपत्र पत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर ई-सोविनियर और ग्लोबल एनवायरमेंट पर पुस्तक का विमोचन किया गया।
शनिवार को कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि प्रोफेसर जेके जोशी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोग इस समय की मांग है। कब, किस समय, किस टेक्नोलॉजी का प्रयोग, किस काम के लिए करना है, ये ज्ञान ही इसकी उपयोगिता को सिद्ध करता है। कक्षा शिक्षण में इसका प्रयोग शिक्षण को रोचक बनाता है। लेकिन आईसीटी पर पूर्णत: निर्भर नहीं रहना चाहिए। प्रोफेसर पीके मिश्रा ने कहा आईसीटी के प्रयोग में वही व्यक्ति अधिक रुचि लेते हैं, जो निरंतर परिवर्तन में विश्वास कर उसको सीखना चाहते हैं। इससे कई तरह के काम आसान होते हैं। परंतु अज्ञानतावश इसका गलत प्रयोग कई समस्याओं को उत्पन्न करता है।
डॉ. शशि सिंह ने कहा आईसीटी का प्रयोग वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में करता है। कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि इसके उदाहरण हैं। विवेक कॉलेज के चेयरमैन अमित गोयल ने कहा की आज के समय में सूचना प्रौद्योगिकी की आवश्यकता को नकारा नहीं जा सकता, न केवल स्वयं की उन्नति के लिए बल्कि राष्ट्र की प्रगति में सहयोगी के रूप में भी इसका प्रयोग कर हम अपनी प्रतिभागिता दे सकते हैं।
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सचिव इंजीनियर दीपक मित्तल ने कहा कि इस सेमिनार द्वारा विद्यार्थियों के जहां ज्ञान में वृद्धि होगी, वहीं उनमें नवीन शोधों के प्रति जिज्ञासा भी बढ़ेगी। प्राचार्या दीप्ति डिमरी ने सेमिनार की उपयोगिता एवं आवश्यकता से अवगत कराया। तकनीकी सत्र में 60 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। संचालन प्रवक्ता निधि शुक्ला ने किया। इस अवसर पर हीरा चौधरी, डॉ. हितेश शर्मा, डॉ. सुरेश सिंह, प्रांशु कुमार, टीना शर्मा, प्रेरणा वर्मा, अनुज कुमार शर्मा, सजल अग्रवाल, गौरव, प्रदीप, संदीप, अशोक, सिद्धार्थ, उज्मा, विपिन, मनोज, नेहा आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि प्रोफेसर जेके जोशी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोग इस समय की मांग है। कब, किस समय, किस टेक्नोलॉजी का प्रयोग, किस काम के लिए करना है, ये ज्ञान ही इसकी उपयोगिता को सिद्ध करता है। कक्षा शिक्षण में इसका प्रयोग शिक्षण को रोचक बनाता है। लेकिन आईसीटी पर पूर्णत: निर्भर नहीं रहना चाहिए। प्रोफेसर पीके मिश्रा ने कहा आईसीटी के प्रयोग में वही व्यक्ति अधिक रुचि लेते हैं, जो निरंतर परिवर्तन में विश्वास कर उसको सीखना चाहते हैं। इससे कई तरह के काम आसान होते हैं। परंतु अज्ञानतावश इसका गलत प्रयोग कई समस्याओं को उत्पन्न करता है।
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डॉ. शशि सिंह ने कहा आईसीटी का प्रयोग वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में करता है। कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि इसके उदाहरण हैं। विवेक कॉलेज के चेयरमैन अमित गोयल ने कहा की आज के समय में सूचना प्रौद्योगिकी की आवश्यकता को नकारा नहीं जा सकता, न केवल स्वयं की उन्नति के लिए बल्कि राष्ट्र की प्रगति में सहयोगी के रूप में भी इसका प्रयोग कर हम अपनी प्रतिभागिता दे सकते हैं।
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सचिव इंजीनियर दीपक मित्तल ने कहा कि इस सेमिनार द्वारा विद्यार्थियों के जहां ज्ञान में वृद्धि होगी, वहीं उनमें नवीन शोधों के प्रति जिज्ञासा भी बढ़ेगी। प्राचार्या दीप्ति डिमरी ने सेमिनार की उपयोगिता एवं आवश्यकता से अवगत कराया। तकनीकी सत्र में 60 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। संचालन प्रवक्ता निधि शुक्ला ने किया। इस अवसर पर हीरा चौधरी, डॉ. हितेश शर्मा, डॉ. सुरेश सिंह, प्रांशु कुमार, टीना शर्मा, प्रेरणा वर्मा, अनुज कुमार शर्मा, सजल अग्रवाल, गौरव, प्रदीप, संदीप, अशोक, सिद्धार्थ, उज्मा, विपिन, मनोज, नेहा आदि मौजूद रहे।