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फर्जी निकली काले हिरण के अवशेष मिलने की सूचना

Sun, 03 Jun 2018 12:48 AM IST
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:48 AM IST
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फर्जी निकली काले हिरण के अवशेष मिलने की सूचना
बढ़ापुर। साहूवाला वन रेंज के कंपाट संख्या पांच में काले हिरण के अवशेष मिलने की झूठी सूचना ने वनकर्मियों को जंगल में खूब दौड़ाया परंतु परिणाम शून्य निकला। डीएफओ के निर्देश पर कर्मचारी सूचना देने वाले दो लोगों की पहचानकर उनको अपने साथ जंगल ले गए परंतु वो भी कोई अवशेष बरामद नहीं करा सके।
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शुक्रवार की शाम नजीबाबाद वन प्रभाग के एसडीओ अखिलेश मिश्रा को कस्बे के दो व्यक्तियों ने फोन कर सूचना दी कि साहूवाला वन रेंज के कंपाट सख्या पांच और छह ग्राम वन बिटोल एवं हल्दूवाला के पास स्थित रेंज की नर्सरी में शिकारियों ने काले हिरण का शिकार कर उसके अवशेष वहां फेंक दिए है। एसडीओ ने तत्काल साहूवाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत को घटना स्थल पर जाकर मौका मुआयना करने के आदेश दिए। इस पर वन क्षेत्राधिकारी वनकर्मियों को साथ लेकर शुक्रवार की देर रात तक काले हिरण के अवशेषों की खोजबीन में लगे रहे। मगर, कोई अवशेष आदि बरामद नही कर पाये। वन विभाग ने शनिवार की सुबह से ही काले हिरण के अवशेषों की तलाश में जंगल में पुन: खोजबीन शुरू की परंतु नतीजा शून्य निकला। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार उन्होंने भीषण गर्मी में वनकर्मियों के साथ कंपाट संख्या पांच और छह का संपूर्ण क्षेत्र खंगाल डाला परंतु कहीं भी किसी शिकार हुए किसी जानवर के अवशेष नहीं मिले। उन्होंने संपूर्ण घटनाक्रम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तो उन्होंने सूचना देने वाले दोनों लोगों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए उनको अपने साथ के निर्देश दिए।
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इस पर वन क्षेत्राधिकारी सूचना देने वाले कस्बे के दोनों लोगों की पहचानकर उनको अपने साथ रेंज के उस स्थान पर ले गए जहां वह काले हिरण के अवशेष होना बता रहे थे। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार सूचना देने वाले दोनों लोग भी वहां बगले झांकने लगे। बताय कि यह सूचना तो उनको किसी अन्य व्यक्ति से मिली थी। एसडीओ अखिलेश मिश्रा का कहना है कि विलुप्त मानी जाने वाली काले हिरण की प्रजाति ही यहां के वन क्षेत्र में नहीं है। उधर, डीएफओ नजीबाबाद उदयवीर सिंह का कहना है कि काले हिरण के अवशेष मिलने की सूचना पर छानबीन करायी गई परंतु ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। मामले की ओर जांच कराई जा रही है।
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