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पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारियों ने भरी हुंकार
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:30 AM IST
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पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारियों ने भरी हुंकार
बिजनौर। पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने के लिए कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच से जुड़े संगठनों के कर्मचारियों ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार के बाद धरना-प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
शुक्रवार को संघ से जुड़े प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ वर्धमान कॉलेज, अधीनस्था कृषि सेवा संघ, सिंचाई संघ, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ, राजस्व संग्रह अमीन संघ आदि संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य कर्मचारी कलक्ट्रेट में एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन करने का एकमात्र सहारा पेंशन ही है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों के हितों को दरकिनार करते हुए उनकी सेवानिवृत्ति के बाद जिंदगी को नर्क के समान बना दिया है। शासन ने एक अप्रैल 2005 के बाद शासकीय सेवा में आए राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की जगह नई अंशदायी पेंशन योजना को शुरू किया है, जो कर्मचारियों के हितों में नहीं है। कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन तो बंद कर दी है, लेकिन अपने सांसदों विधायकों के लिए इस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेताया है कि यदि शीघ्र ही मामले को गंभीरता से लेकर इस विचार नहीं किया गया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक दुर्गा सिंह, अर्जुन सिंह, देशराज सिंह, अशोक कुमार, अमर सिंह, जोगेंद्र भारती, कुलदीप कुमार वाल्मीकि, मनोज कुमार, मेहर सिंह, ललित कुमार, धीरज चौधरी, हेमेंद्र सिंह, जयप्रकाश पाल, भोपाल सिंह जगदेव सिंह आदि शामिल थे।
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बिजनौर। पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने के लिए कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच से जुड़े संगठनों के कर्मचारियों ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार के बाद धरना-प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
शुक्रवार को संघ से जुड़े प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ वर्धमान कॉलेज, अधीनस्था कृषि सेवा संघ, सिंचाई संघ, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ, राजस्व संग्रह अमीन संघ आदि संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य कर्मचारी कलक्ट्रेट में एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन करने का एकमात्र सहारा पेंशन ही है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों के हितों को दरकिनार करते हुए उनकी सेवानिवृत्ति के बाद जिंदगी को नर्क के समान बना दिया है। शासन ने एक अप्रैल 2005 के बाद शासकीय सेवा में आए राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की जगह नई अंशदायी पेंशन योजना को शुरू किया है, जो कर्मचारियों के हितों में नहीं है। कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन तो बंद कर दी है, लेकिन अपने सांसदों विधायकों के लिए इस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेताया है कि यदि शीघ्र ही मामले को गंभीरता से लेकर इस विचार नहीं किया गया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक दुर्गा सिंह, अर्जुन सिंह, देशराज सिंह, अशोक कुमार, अमर सिंह, जोगेंद्र भारती, कुलदीप कुमार वाल्मीकि, मनोज कुमार, मेहर सिंह, ललित कुमार, धीरज चौधरी, हेमेंद्र सिंह, जयप्रकाश पाल, भोपाल सिंह जगदेव सिंह आदि शामिल थे।
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