{"_id":"5b898f6242c792593176d96f","slug":"191535741794-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी छोडें झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावनाजाने की अफवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी छोडें झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावनाजाने की अफवाह
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना
बिजनौर/बढ़ापुर। पिछले कुछ दिनों से गर्मी व उमस से जिलेवासियों का बुरा हाल था। बृहस्पतिवार को भी उमस से सभी का बुरा हाल रहा। रात होते होते बादल छा गए। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे हवा के तेज झोंकों के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक तेत बारिश हुई। बारिश से गली-मोहल्लों की सड़कों पर पानी भर गया। हवा के तेज झोंको से कहीं कहीं पर गन्ने की फसल गिर गई है। हालांकि इससे अभी ज्यादा नुकसान नहीं होगा। दिन में भी कुछ देर के लिए बारिश हुई। किसानों हरकेश सैनी, राजपाल सिंह आदि का कहना है कि बारिश धान की फसल के लिए बहुत अच्छी है। जिले भर में 104 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार शुक्रवार तड़के तेज बारिश हुई है। आर्द्रता के अनुसार अभी और बारिश होने का अनुमान है।
वहीं, बढ़ापुर क्षेत्र में रुक रुककर हो रही वर्षा के चलते मोहल्ला जोशियान में शुक्रवार को भारत सिंह का मकान भरभराकर गिर गया। बृहस्पतिवार रात इसी मोहल्ले के अनिल जोशी के मकान की छत भी बरसात के कारण गिर गई। अच्छी बात यह रही कि इन घरों के गिरते समय कोई घर में नहीं था, जबकि दोनों घरों में रखा सामान आदि मलबे में दबकर नष्ट हो गए।
सुरक्षा के लिए बाढ चौकियां बनाई
बढ़ापुर। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगीना तहसील प्रशासन ने कई जगह बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। स्कूलों में बाढ़ पीड़ितों को रोकने की व्यवस्था की गई है।अक्षेत्र के गांव बेनीपुर के प्राथमिक विद्यालय, शाहनगर कुराली के उच्च प्राथमिक विद्यालय, नूरपुर अरब के प्राथमिक विद्यालय और बढ़ापुर नगर पंचायत के कार्यालय परिसर में बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित कर स्टाफ की तैनाती की है जो बाढ़ के हालात पर नजर रखने के साथ-साथ बाढ़ चौकी पर आने वाले शरणार्थियों के रहने, खाने व बीमारी की दशा में दवाईयों की व्यवस्था किये हुए है। बृहस्पतिवार रात खो व ऊनी नदी के समीप बसे गांव नंगला लद्दा, जमालपुर ढ़ीकली व सारंगवाला जाकर बाढ़ चौकी के कर्मियों ने नदी के आसपास व बाढ़ के संभावित गहराई क्षेत्र में लाल झंडी लगायी और गांवों में आकर ग्रामीणों को नदी का जलस्तर बढ़ने पर सचेत रहने और नदी के पानी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर/बढ़ापुर। पिछले कुछ दिनों से गर्मी व उमस से जिलेवासियों का बुरा हाल था। बृहस्पतिवार को भी उमस से सभी का बुरा हाल रहा। रात होते होते बादल छा गए। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे हवा के तेज झोंकों के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक तेत बारिश हुई। बारिश से गली-मोहल्लों की सड़कों पर पानी भर गया। हवा के तेज झोंको से कहीं कहीं पर गन्ने की फसल गिर गई है। हालांकि इससे अभी ज्यादा नुकसान नहीं होगा। दिन में भी कुछ देर के लिए बारिश हुई। किसानों हरकेश सैनी, राजपाल सिंह आदि का कहना है कि बारिश धान की फसल के लिए बहुत अच्छी है। जिले भर में 104 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार शुक्रवार तड़के तेज बारिश हुई है। आर्द्रता के अनुसार अभी और बारिश होने का अनुमान है।
वहीं, बढ़ापुर क्षेत्र में रुक रुककर हो रही वर्षा के चलते मोहल्ला जोशियान में शुक्रवार को भारत सिंह का मकान भरभराकर गिर गया। बृहस्पतिवार रात इसी मोहल्ले के अनिल जोशी के मकान की छत भी बरसात के कारण गिर गई। अच्छी बात यह रही कि इन घरों के गिरते समय कोई घर में नहीं था, जबकि दोनों घरों में रखा सामान आदि मलबे में दबकर नष्ट हो गए।
विज्ञापन
सुरक्षा के लिए बाढ चौकियां बनाई
बढ़ापुर। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगीना तहसील प्रशासन ने कई जगह बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। स्कूलों में बाढ़ पीड़ितों को रोकने की व्यवस्था की गई है।अक्षेत्र के गांव बेनीपुर के प्राथमिक विद्यालय, शाहनगर कुराली के उच्च प्राथमिक विद्यालय, नूरपुर अरब के प्राथमिक विद्यालय और बढ़ापुर नगर पंचायत के कार्यालय परिसर में बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित कर स्टाफ की तैनाती की है जो बाढ़ के हालात पर नजर रखने के साथ-साथ बाढ़ चौकी पर आने वाले शरणार्थियों के रहने, खाने व बीमारी की दशा में दवाईयों की व्यवस्था किये हुए है। बृहस्पतिवार रात खो व ऊनी नदी के समीप बसे गांव नंगला लद्दा, जमालपुर ढ़ीकली व सारंगवाला जाकर बाढ़ चौकी के कर्मियों ने नदी के आसपास व बाढ़ के संभावित गहराई क्षेत्र में लाल झंडी लगायी और गांवों में आकर ग्रामीणों को नदी का जलस्तर बढ़ने पर सचेत रहने और नदी के पानी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
विज्ञापन