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भाकियू में जयसिंह जोत गेहूं क्रय केंद्र खत्म करने से आक्रोश

Thu, 26 Apr 2018 12:16 AM IST
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:16 AM IST
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भाकियू में जयसिंह जोत गेहूं क्रय केंद्र खत्म करने से आक्रोश
गेहूं क्रय केंद्र खत्म करने से आक्रोश
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कासमपुरगढ़ी। भाकियू ने खाद्य विपणन विभाग पर गेहूं माफिया से मिलकर एक ही गांव में दो क्रय केंद्र संचालन का आरोप लगाया है। किसानों ने डीएम से जांच कर एक ही गांव में संचालित दो क्रय केंद्रों को हटवाने की मांग की है।
भाकियू के मंडल सचिव रमेशचंद शेखावत, जिला संगठन मंत्री देवेंद्र कौशिक, घासीराम ने डीएम से की शिकायत में आरोप लगाया कि कई वर्षों तक जयसिंह जोत में गेहूं क्रय संचालित होता था। लेकिन अब विभाग अधिकारियों ने हसनपुर गांव में संचालित तीन राइसमिल मालिकों से हमसाज होकर दो क्रय केंद्र हसनुपर व मोहद्दीनपुर में खोल दिए हैं। दोनों एक ही गांव के मौजे में हैं। आरोप है कि दोनों क्रय केंद्र सांठगांठ के चलते बंद पड़े रहते हैं। इनकी खरीदारी का बारदाना भी मिल मालिकों के पास रहता है। मजबूरन किसानों को मिल मालिकों को सस्ते दामों में गेहूं बेचना पड़ता है। इसके बाद किसानों से खरीदे गए गेहूं को तीनों राइसमिल मालिक अपना सड़ा गला गेहूं मिलाकर गेहूं क्रय केंद्रों को सरकारी दामों पर बेच देते हैं।
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गेहूं की सरकारी रकम खातों में डलवाने के लिए मिल मालिक किसानों को लालच देकर उनके खातों के नंबर ले लेते हैं। मिल मालिक सरकारी मूल्य पर अपना गेहूं बेचते हैं। भाकियू के पदाधिकारियों ने मामले में डीएम से जांच कर मिल मालिकों की सांठगांठ से एक ही गांव में संचालित क्रय केंद्रों को जयसिंह जोत में स्थापित करवाने की मांग की है। एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि जांच कर कार्रवाई होगी।
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