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जिले के गांवों ने खुद को घोषित किया खुले में शौचमुक्त
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:17 AM IST
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बिजनौर। जिले की ग्राम पंचायतें खुले में शौचमुक्त हो चुकी हैं। सभी 1128 ग्राम पंचायतों ने खुद को खुले में शौचमुक्त घोषित करते हुए प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिए हैं। अब जिले व मंडल की टीम की ओर से इसकी जांच की जाएगी। जांच में खरा उतरने के बाद जिले को दो अक्तूबर को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
पूरे जिले में को खुले में शौचमुक्त करने के लिए गांवों व शहरों में अभियान चलाया जा रहा है। जिले के गांव ओडीएफ में मिसाल बन चुके हैं। कई गांव सरकारी धन को वापस कर खुद के खर्च से शौचालय बनवाकर गांव को खुले में शौचमुक्त कर चुके हैं। जिले के सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए प्रशासन ने अभियान चला रखा था। अब जिले की सभी 1128 ग्राम पंचायतों ने खुद को ओडीएफ घोषित कर दिया है। इन गांवों ने प्रशासन को अपने प्रस्ताव भी भेज दिए हैं। अब पहले जिला प्रशासन व बाद में मंडल की टीमों द्वारा जिले में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। सब कुछ मानकों के अनुसार मिलने पर दो अक्तूबर को महात्मा गांधी जयंती के मौके पर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों ने ओडीएफ के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। अब इनकी जांच होगी। गांवों के ओडीएफ होने से जिले का मान बढ़ेगा।
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पूरे जिले में को खुले में शौचमुक्त करने के लिए गांवों व शहरों में अभियान चलाया जा रहा है। जिले के गांव ओडीएफ में मिसाल बन चुके हैं। कई गांव सरकारी धन को वापस कर खुद के खर्च से शौचालय बनवाकर गांव को खुले में शौचमुक्त कर चुके हैं। जिले के सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए प्रशासन ने अभियान चला रखा था। अब जिले की सभी 1128 ग्राम पंचायतों ने खुद को ओडीएफ घोषित कर दिया है। इन गांवों ने प्रशासन को अपने प्रस्ताव भी भेज दिए हैं। अब पहले जिला प्रशासन व बाद में मंडल की टीमों द्वारा जिले में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। सब कुछ मानकों के अनुसार मिलने पर दो अक्तूबर को महात्मा गांधी जयंती के मौके पर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों ने ओडीएफ के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। अब इनकी जांच होगी। गांवों के ओडीएफ होने से जिले का मान बढ़ेगा।
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