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लक्ष्य पूरा न होने पर हो सकती है कटौती
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लक्ष्य पूरा न होने पर हो सकती है कटौती
बिजनौर। ग्रामीण बिजली उपभोक्ता कम संख्या में बकाया बिजली बिल जमा कर रहे हैं। इससे चालू माह का तय लक्ष्य हासिल करने में निगम अधिकारियों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। भाकियू ने गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने का हवाला देते हुए भुगतान की एक मुश्त समाधान योजना अर्थात ओटीएस की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता विद्युत एसपी सिंह के अनुसार निगम का हर माह का बिजली बकाए की वसूलयाबी का लक्ष्य तय है। बिजनौर सर्किल का मार्च माह का बकाया वसूलयाबी लक्ष्य 46 करोड़ 34 लाख है। इसके विपरीत मात्र 24 करोड़ की वसूलयाबी हुई है। बिजली की एक मुश्त समाधान योजना में 25 मार्च तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले हजारों बकाएदारों ने पैसा जमा नहीं किया है। जबकि योजना में पैसा जमा करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। ग्रामीण बकाएदार बकाया जमा करने नहीं आ रहे हैं। बिजनौर द्वितीय व चांदपुर द्वितीय डीवीजन के बकाएदार अधिक है। दोनों डीवीजन में ग्रामीण इलाका आता है। इन पर टयूबवैल बिलों की देनदारी है। आरोप है कि वसूलयाबी लक्ष्य पूरा नहीं होने पर जिले को सप्लाई होने वाली बिजली में कटौती हो सकती है। भाकियू के वरिष्ठ नेता व जिला कोषाध्यक्ष होशियार सिंह के अनुसार बिजनौर व चांदपुर चीनी मिलों ने किसानों के पिछले पिराई सीजन के गन्ना मूल्य का भी भुगतान नहीं किया है। किसान के पास पैसा नहीं है। इसलिए यूनियन ने मांगपत्र देकर ओटीएस की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।
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बिजनौर। ग्रामीण बिजली उपभोक्ता कम संख्या में बकाया बिजली बिल जमा कर रहे हैं। इससे चालू माह का तय लक्ष्य हासिल करने में निगम अधिकारियों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। भाकियू ने गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने का हवाला देते हुए भुगतान की एक मुश्त समाधान योजना अर्थात ओटीएस की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता विद्युत एसपी सिंह के अनुसार निगम का हर माह का बिजली बकाए की वसूलयाबी का लक्ष्य तय है। बिजनौर सर्किल का मार्च माह का बकाया वसूलयाबी लक्ष्य 46 करोड़ 34 लाख है। इसके विपरीत मात्र 24 करोड़ की वसूलयाबी हुई है। बिजली की एक मुश्त समाधान योजना में 25 मार्च तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले हजारों बकाएदारों ने पैसा जमा नहीं किया है। जबकि योजना में पैसा जमा करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। ग्रामीण बकाएदार बकाया जमा करने नहीं आ रहे हैं। बिजनौर द्वितीय व चांदपुर द्वितीय डीवीजन के बकाएदार अधिक है। दोनों डीवीजन में ग्रामीण इलाका आता है। इन पर टयूबवैल बिलों की देनदारी है। आरोप है कि वसूलयाबी लक्ष्य पूरा नहीं होने पर जिले को सप्लाई होने वाली बिजली में कटौती हो सकती है। भाकियू के वरिष्ठ नेता व जिला कोषाध्यक्ष होशियार सिंह के अनुसार बिजनौर व चांदपुर चीनी मिलों ने किसानों के पिछले पिराई सीजन के गन्ना मूल्य का भी भुगतान नहीं किया है। किसान के पास पैसा नहीं है। इसलिए यूनियन ने मांगपत्र देकर ओटीएस की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।