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किसानों का चकबंदी में चक हटाने का आरोप
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:33 AM IST
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हल्दौर। चकबंदी अधिकारियों ने मनमर्जी कर नगर हल्दौर को विभागीय दस्तावेजों में ग्राम पंचायत दर्शाकर कर कई किसानों के चकों को तितर-बितर कर दिया। पीड़ित किसान शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद भी अपनी समस्या का समाधान न होने से परेशान हैं। अपने चक एक जगह न होने से पीड़ित किसानों में आक्रोश पनपने लगा है। चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी का कहना है कि सब कुछ चकबंदी नियमों के अनुसार किया गया है।
करीब चार वर्ष पूर्व क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई थी। करीब चार सौ किसानों के चकों को एक जगह से अलग-अलग जगहों पर विस्थापित कर दिया गया। पीड़ित किसानों ने चकबंदी का विरोध कर इसे रुकवा दिया। किसान चकबंदी विभाग के दस्तावेजों में चकबंदी अधिकारियों की मनमर्जी व लापरवाही भरे कार्यों को देखकर हैरानी में हैं। तत्कालीन कुछ चकबंदी अधिकारियों ने नगर हल्दौर को दस्तावेजों में ग्राम पंचायत दर्शाकर किसानों के चकों को अलग-अलग जगहों पर विस्थापित कर दिया, जबकि नियमानुसार नगरीय व अर्धनगरीय क्षेत्र में दो किमी की सीमा में चकबंदी नहीं हो सकती। उत्तर प्रदेश विकास अधिनियम 1973 के अनुसार नगर पालिका हल्दौर की सीमा से दो किलोमीटर का क्षेत्र अर्ध नगरीय घोषित है। सुरेंद्र सिंह, मंगू सिंह, महेश कुमार, ओमप्रकाश, महिपाल सिंह, अशोक कुमार, देवेंद्र सिंह, संजय कुमार, निहाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि किसानों ने मामले की शिकायत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के राज्यपाल, चकबंदी आयुक्त हरेंद्रवीर सिंह, जिला अधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला बंदोबस्त अधिकारी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक से कई बार की, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका। चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी मेघवरन सिंह ने कहा कि सब कुछ चकबंदी नियमों में किया जा रहा है। उससे बाहर कुछ नहीं।
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करीब चार वर्ष पूर्व क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई थी। करीब चार सौ किसानों के चकों को एक जगह से अलग-अलग जगहों पर विस्थापित कर दिया गया। पीड़ित किसानों ने चकबंदी का विरोध कर इसे रुकवा दिया। किसान चकबंदी विभाग के दस्तावेजों में चकबंदी अधिकारियों की मनमर्जी व लापरवाही भरे कार्यों को देखकर हैरानी में हैं। तत्कालीन कुछ चकबंदी अधिकारियों ने नगर हल्दौर को दस्तावेजों में ग्राम पंचायत दर्शाकर किसानों के चकों को अलग-अलग जगहों पर विस्थापित कर दिया, जबकि नियमानुसार नगरीय व अर्धनगरीय क्षेत्र में दो किमी की सीमा में चकबंदी नहीं हो सकती। उत्तर प्रदेश विकास अधिनियम 1973 के अनुसार नगर पालिका हल्दौर की सीमा से दो किलोमीटर का क्षेत्र अर्ध नगरीय घोषित है। सुरेंद्र सिंह, मंगू सिंह, महेश कुमार, ओमप्रकाश, महिपाल सिंह, अशोक कुमार, देवेंद्र सिंह, संजय कुमार, निहाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि किसानों ने मामले की शिकायत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के राज्यपाल, चकबंदी आयुक्त हरेंद्रवीर सिंह, जिला अधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला बंदोबस्त अधिकारी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक से कई बार की, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका। चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी मेघवरन सिंह ने कहा कि सब कुछ चकबंदी नियमों में किया जा रहा है। उससे बाहर कुछ नहीं।
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