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जुर्माना अदा कराने और क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश
Tue, 02 Apr 2019 10:51 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 02 Apr 2019 10:51 AM IST
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आरटीआई
- फोटो : FILE PHOTO
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बिजनौर। राज्य सूचना आयुक्त ने डीएम को आरटीआई के तहत लगातार छह बार सूचना नहीं देने वाले संबंधित सीएमओ से जुर्माना वसूलने और क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए हैं।
किरतपुर निवासी डॉ. अजीत कुमार सिंह ने राज्य सूचना आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसने कुछ बिंदुओं पर जनसूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी से सूचनाएं मांगी थीं। बार-बार मांगने के बावजूद सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके बाद उसने राज्य सूचना आयुक्त के यहां अपील की। इस पर 24 अगस्त 2015 को राज्य सूचना आयुक्त ने 30 दिन के भीतर सूचना देने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद जनसूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी ने सूचना नहीं दी। डॉ. अजीत ने फिर से 2017 की 24 मई, 13 दिसंबर, 2018 में नौ फरवरी, छह अप्रैल, 21 जून को भी उन्होंने तत्कालीन सीएमओ राकेश कुमार मित्तल से सूचनाएं मांगी। लेकिन सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं और न ही तत्कालीन सीएमओ राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष उपस्थित हुए। डॉ. राकेश कुमार मित्तल इस समय रामपुर के जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं।
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सूचना आयुक्त द्वारा इन तारीखों के 30-30 दिन के भीतर उपस्थित होकर सीएमओ को तथ्यात्मक सूचनाएं उपलब्ध कराकर वादी को हर बार पांच-पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति के देने के निर्देश दिए थे। कई बार सीएमओ पर दस हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया गया और वादी को क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए गए।
इसके बावजूद जनसूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी ने सूचना आयुक्त के आदेशों का पालन नहीं किया। आरोप है कि सीएमओ ने न तो जुर्माना ही अदा किया और न उसे क्षतिपूर्ति दी गई। इस पर राज्य सूचना आयुक्त ने डीएम को संबंधित सीएमओ से जुर्माना वसूलने और वादी को क्षति पूर्ति दिलाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ शरद कुमार त्यागी ने बताया कि राज्य सूचना आयुक्त के निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस मामले में जो भी संबंधित सीएमओ सम्मिलित होंगे, उनके पास सूचना भेज दी जाएगी।
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किरतपुर निवासी डॉ. अजीत कुमार सिंह ने राज्य सूचना आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसने कुछ बिंदुओं पर जनसूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी से सूचनाएं मांगी थीं। बार-बार मांगने के बावजूद सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके बाद उसने राज्य सूचना आयुक्त के यहां अपील की। इस पर 24 अगस्त 2015 को राज्य सूचना आयुक्त ने 30 दिन के भीतर सूचना देने के निर्देश दिए थे।
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इसके बावजूद जनसूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी ने सूचना नहीं दी। डॉ. अजीत ने फिर से 2017 की 24 मई, 13 दिसंबर, 2018 में नौ फरवरी, छह अप्रैल, 21 जून को भी उन्होंने तत्कालीन सीएमओ राकेश कुमार मित्तल से सूचनाएं मांगी। लेकिन सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं और न ही तत्कालीन सीएमओ राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष उपस्थित हुए। डॉ. राकेश कुमार मित्तल इस समय रामपुर के जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं।
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सूचना आयुक्त द्वारा इन तारीखों के 30-30 दिन के भीतर उपस्थित होकर सीएमओ को तथ्यात्मक सूचनाएं उपलब्ध कराकर वादी को हर बार पांच-पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति के देने के निर्देश दिए थे। कई बार सीएमओ पर दस हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया गया और वादी को क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए गए।
इसके बावजूद जनसूचना अधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी ने सूचना आयुक्त के आदेशों का पालन नहीं किया। आरोप है कि सीएमओ ने न तो जुर्माना ही अदा किया और न उसे क्षतिपूर्ति दी गई। इस पर राज्य सूचना आयुक्त ने डीएम को संबंधित सीएमओ से जुर्माना वसूलने और वादी को क्षति पूर्ति दिलाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ शरद कुमार त्यागी ने बताया कि राज्य सूचना आयुक्त के निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस मामले में जो भी संबंधित सीएमओ सम्मिलित होंगे, उनके पास सूचना भेज दी जाएगी।