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कंबल कारखाने पर खर्च होंगे 60 लाख रुपये
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कंबल कारखाने पर खर्च होंगे 60 लाख रुपये
नजीबाबाद। नगर के कई दशक से बंद कंबल कारखाने के जीर्णोद्धार के लिए 60 लाख रुपये की धनराशि से मशीनें स्थापित की जाएंगी। कारखाना शुरू करने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग ने मशीनों के लिए बजट धनराशि तय कर दी है।
उप्र खादी ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने नजीबाबाद के बंद कंबल कारखाने को शुरू करने के लिए मुजफ्फरनगर से कंबल उद्योग से जुड़ी मशीनों की स्थापना के लिए बजट धनराशि को हरी झंडी दे दी है। मुजफ्फरनगर में गत वर्ष बंद की गई कंबल इकाई की मशीनें नजीबाबाद कंबल कारखाने में स्थापित की जाएंगी। मशीनों की मरम्मत और स्थापना के लिए जेके टेक्सटाइल इंजीनियरिंग वर्क्स पुतलीघर अमृतसर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। खादी ग्रामोद्योग विभाग ने कंपनी को मशीनों की मरम्मत पर खर्च आने वाली धनराशि भी जारी कर दी है। कंबल कारखाने के प्रबंधक एवं व्यवस्थापक राम कवांर ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के कंबल इकाई जीर्णोद्धार के लिए धनराशि जारी होते ही मशीनों की स्थापना के साथ कंबल इकाई पर फिर से कंबल बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते बजट जारी करने में अड़चन नहीं आई तो अप्रैल के अंत तक नजीबाबाद के बंद कंबल कारखाने में मशीनों की स्थापना का काम पूरा हो जाएगा। कारखाने में दो मिलिंग मशीन, वाशिंग मशीन, हैड्रो मशीन, रेजिंग मशीन, डाइंग मशीन, रेजिग मशीन और बुनाई मशीन स्थापित की जाएंगी।
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नजीबाबाद। नगर के कई दशक से बंद कंबल कारखाने के जीर्णोद्धार के लिए 60 लाख रुपये की धनराशि से मशीनें स्थापित की जाएंगी। कारखाना शुरू करने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग ने मशीनों के लिए बजट धनराशि तय कर दी है।
उप्र खादी ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने नजीबाबाद के बंद कंबल कारखाने को शुरू करने के लिए मुजफ्फरनगर से कंबल उद्योग से जुड़ी मशीनों की स्थापना के लिए बजट धनराशि को हरी झंडी दे दी है। मुजफ्फरनगर में गत वर्ष बंद की गई कंबल इकाई की मशीनें नजीबाबाद कंबल कारखाने में स्थापित की जाएंगी। मशीनों की मरम्मत और स्थापना के लिए जेके टेक्सटाइल इंजीनियरिंग वर्क्स पुतलीघर अमृतसर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। खादी ग्रामोद्योग विभाग ने कंपनी को मशीनों की मरम्मत पर खर्च आने वाली धनराशि भी जारी कर दी है। कंबल कारखाने के प्रबंधक एवं व्यवस्थापक राम कवांर ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के कंबल इकाई जीर्णोद्धार के लिए धनराशि जारी होते ही मशीनों की स्थापना के साथ कंबल इकाई पर फिर से कंबल बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते बजट जारी करने में अड़चन नहीं आई तो अप्रैल के अंत तक नजीबाबाद के बंद कंबल कारखाने में मशीनों की स्थापना का काम पूरा हो जाएगा। कारखाने में दो मिलिंग मशीन, वाशिंग मशीन, हैड्रो मशीन, रेजिंग मशीन, डाइंग मशीन, रेजिग मशीन और बुनाई मशीन स्थापित की जाएंगी।
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