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हैंडपंपो की मरम्मत न होने से पेयजल को तरसे ग्रामीण
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:23 AM IST
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कालागढ़। खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत न होने से गर्मी के आते ही ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राहगीरों को प्यास बुझाने के लिए भी पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है।
आसपास के दर्जनों गांवों में सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े है तो कही दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में इन हैंडपंपों का कोई भी फायदा ग्रामीणों व राहगीरों को नहीं मिल रहा है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की हर किसी को आवश्यकता हो रही है। फतेहपुर धारा, भिक्कावाला, कालागढ़, पत्थरवाला आदि दर्जनों गांवों में हैंडपंप खराब हैं या फिर उनसे दूषित पानी आ रहा है। हालांकि जलनिगम ने अनेक ग्रामों में हैंडपंप का सर्वे कर पानी दूषित घोषित करते हुए उस पर नंबर तक डाल रखे हैं, पर वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। राहगीरों के सामने तो सबसे बड़ी समस्या है। वह गर्मी में प्यास बुझाने को इधर-उधर भटक रहे हैं। ग्रामीणों अमरीक सिंह, जीवन सिंह, कैलाश रावत, जगतराम आदि का कहना है कि यदि समय से नलकूप सही हो गए होते तो परेशानी न होती है। जलनिगम के एक्सईएन ने निगम के अधीनस्थों को जांच कर ठप नलों को ठीक करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो ग्रामीण शिकायत दर्ज कराकर समस्याओं का निदान करा सकते हैं।
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आसपास के दर्जनों गांवों में सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े है तो कही दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में इन हैंडपंपों का कोई भी फायदा ग्रामीणों व राहगीरों को नहीं मिल रहा है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की हर किसी को आवश्यकता हो रही है। फतेहपुर धारा, भिक्कावाला, कालागढ़, पत्थरवाला आदि दर्जनों गांवों में हैंडपंप खराब हैं या फिर उनसे दूषित पानी आ रहा है। हालांकि जलनिगम ने अनेक ग्रामों में हैंडपंप का सर्वे कर पानी दूषित घोषित करते हुए उस पर नंबर तक डाल रखे हैं, पर वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। राहगीरों के सामने तो सबसे बड़ी समस्या है। वह गर्मी में प्यास बुझाने को इधर-उधर भटक रहे हैं। ग्रामीणों अमरीक सिंह, जीवन सिंह, कैलाश रावत, जगतराम आदि का कहना है कि यदि समय से नलकूप सही हो गए होते तो परेशानी न होती है। जलनिगम के एक्सईएन ने निगम के अधीनस्थों को जांच कर ठप नलों को ठीक करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो ग्रामीण शिकायत दर्ज कराकर समस्याओं का निदान करा सकते हैं।
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