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आपातकाल में शिक्षक चंपतराय बंसल को जाना पड़ जेल
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चंपतराय को साइकिल से कोतवाली लेकर पहुंचे थे यशपाल तुली
धामपुर। भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिला संयोजक यशपाल तुली ने बताया कि आपातकाल के दौरान नगीना निवासी शिक्षक चंपत राय बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन्हें वह खुद साइकिल से कोतवाली तक लेकर गए थे।
चंपतराय बंसल धामपुर के आरएसएम कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता थे। जब आपातकाल लगा तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आरएसएम कॉलेज पहुंची। पुलिस ने चंपतराय को प्रधानाचार्य कक्ष में बुलाया। उस समय वह आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता थे और गांवों में जाकर शाखा लगाते थे। प्रधानाचार्य कक्ष में पुलिस से उन्होंने कहा कि वह घर से कपड़े उठाकर कोतवाली में पहुंच रहे हैं। इस दौरान शिक्षक यशपाल तुली उन्हें साइकिल पर पीछे बैठाकर घर लेकर गए और बाद में उन्हें कोतवाली ले जाकर छोड़ा। यशपाल तुली बताते हैं कि पुलिस ने चंपतराय की गिरफ्तारी रोडवेज बस स्टेशन पर सरकार के खिलाफ भाषण देते समय दिखाई और उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। कोर्ट में जब मजिस्ट्रेट के सामने प्रधानाचार्य डीपी रस्तोगी की गवाही हुई तो उनके बयान पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस की कहानी को झुठलाते हुए बगैर शर्त चंपतराय को रिहा कर दिया। रिहा होने के बाद पुलिस ने उन्हें फिर गिरफ्तार किया और आपातकाल खत्म होने के बाद भी वह छूटे। इस समय चंपतराय बंसल आरएसएस राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी है।
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धामपुर। भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिला संयोजक यशपाल तुली ने बताया कि आपातकाल के दौरान नगीना निवासी शिक्षक चंपत राय बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन्हें वह खुद साइकिल से कोतवाली तक लेकर गए थे।
चंपतराय बंसल धामपुर के आरएसएम कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता थे। जब आपातकाल लगा तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आरएसएम कॉलेज पहुंची। पुलिस ने चंपतराय को प्रधानाचार्य कक्ष में बुलाया। उस समय वह आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता थे और गांवों में जाकर शाखा लगाते थे। प्रधानाचार्य कक्ष में पुलिस से उन्होंने कहा कि वह घर से कपड़े उठाकर कोतवाली में पहुंच रहे हैं। इस दौरान शिक्षक यशपाल तुली उन्हें साइकिल पर पीछे बैठाकर घर लेकर गए और बाद में उन्हें कोतवाली ले जाकर छोड़ा। यशपाल तुली बताते हैं कि पुलिस ने चंपतराय की गिरफ्तारी रोडवेज बस स्टेशन पर सरकार के खिलाफ भाषण देते समय दिखाई और उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। कोर्ट में जब मजिस्ट्रेट के सामने प्रधानाचार्य डीपी रस्तोगी की गवाही हुई तो उनके बयान पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस की कहानी को झुठलाते हुए बगैर शर्त चंपतराय को रिहा कर दिया। रिहा होने के बाद पुलिस ने उन्हें फिर गिरफ्तार किया और आपातकाल खत्म होने के बाद भी वह छूटे। इस समय चंपतराय बंसल आरएसएस राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी है।
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