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भौतिक विकास के साथ हो रहा सामाजिक पतन: बजरंग मुनि
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बिजनौर। प्रख्यात विचारक बजरंग मुनि ने कहा कहा कि समाज में तेजी से भौतिक विकास व नैतिक पतन हो रहा है। दुनिया में शिक्षा बढ़ रही है और ज्ञान घट रहा है। दुनिया में विचार मंथन की प्रक्रिया बंद हो चुकी है।
बिजनौर क्लब में आयोजित ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम में बजरंग मुनि ने कहा कि विश्व में हिंसा में विश्वास बढ़ता जा रहा है और पर्यावरण ताप वृद्धि से भी अधिक मानव स्वभाव ताप वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। भारत में भी लोकतंत्र की परिभाषा को बदलकर लोक नियुक्ति तंत्र कर दिया गया है। प्राचीन काल में भारत दुनिया को विचारों का निर्यात करता था लेकिन अब हालत यह हो गई है कि हम वैचारिक धरातल पर हर मामले में विचारों को आयात करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। दुनिया की अनेक असत्य अवधारणाएं भारत में सत्य के रूप में स्थापित हो गई हैं। भारत वर्ग विद्वेष, वर्ग संघर्ष की दिशा में बढ़कर अशांत हो रहा है। राजनीतिक दल धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्रीयता, युवा-वृद्ध, गरीब-अमीर के बीच टकराव पैदा करने को सक्रिय हैं ताकि फूट डालकर राज्य को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा हो सके। कहा कि देश के कल्याण के लिए भिन्न विचार के लोगों को एक साथ बैठकर मंथन करना होगा। परिवार व्यवस्था को भी सशक्त व लोकतांत्रिक रूप देना होगा। परिवार व्यवस्था का टूटना या कमजोर होना बहुत बड़ी समस्या है। कहा कि ज्ञान यज्ञ परिवार इस दिशा में निरंतर प्रत्यनशील है। 31 अगस्त से 15 सितंबर तक ऋषिकेश में भव्य ज्ञान यज्ञ आयोजित किया जा रहा है। इसमें विश्व की 30 प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर विचार मंथन होगा। इसमें देश भर के लोग आमंत्रित हैं। वीना प्रकाश हास्पिटल की ओर से आयोजित कार्यक्रम दौरान रण सिंह आर्य, डा. प्रकाश, सीताराम राणा, प्रवक्ता निरंकार त्यागी, शूरवीर सिंह, धीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर क्लब में आयोजित ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम में बजरंग मुनि ने कहा कि विश्व में हिंसा में विश्वास बढ़ता जा रहा है और पर्यावरण ताप वृद्धि से भी अधिक मानव स्वभाव ताप वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। भारत में भी लोकतंत्र की परिभाषा को बदलकर लोक नियुक्ति तंत्र कर दिया गया है। प्राचीन काल में भारत दुनिया को विचारों का निर्यात करता था लेकिन अब हालत यह हो गई है कि हम वैचारिक धरातल पर हर मामले में विचारों को आयात करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। दुनिया की अनेक असत्य अवधारणाएं भारत में सत्य के रूप में स्थापित हो गई हैं। भारत वर्ग विद्वेष, वर्ग संघर्ष की दिशा में बढ़कर अशांत हो रहा है। राजनीतिक दल धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्रीयता, युवा-वृद्ध, गरीब-अमीर के बीच टकराव पैदा करने को सक्रिय हैं ताकि फूट डालकर राज्य को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा हो सके। कहा कि देश के कल्याण के लिए भिन्न विचार के लोगों को एक साथ बैठकर मंथन करना होगा। परिवार व्यवस्था को भी सशक्त व लोकतांत्रिक रूप देना होगा। परिवार व्यवस्था का टूटना या कमजोर होना बहुत बड़ी समस्या है। कहा कि ज्ञान यज्ञ परिवार इस दिशा में निरंतर प्रत्यनशील है। 31 अगस्त से 15 सितंबर तक ऋषिकेश में भव्य ज्ञान यज्ञ आयोजित किया जा रहा है। इसमें विश्व की 30 प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर विचार मंथन होगा। इसमें देश भर के लोग आमंत्रित हैं। वीना प्रकाश हास्पिटल की ओर से आयोजित कार्यक्रम दौरान रण सिंह आर्य, डा. प्रकाश, सीताराम राणा, प्रवक्ता निरंकार त्यागी, शूरवीर सिंह, धीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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