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डीएम के बयान के विरोध में उतरी अन्याय विरोधी संघर्ष समिति
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:12 AM IST
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डीएम के बयान के विरोध में उतरी अन्याय विरोधी संघर्ष समिति
डीएम पर लगाया हत्यारे पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप
फोटो
बिजनौर। साकेंद्र चौधरी के पक्ष में गठित अन्याय विरोधी संघर्ष समिति की बैठक में डीएम जगतराज द्वारा जसवंत सिंह की मौत पर दिए गए बयान पर रोष जताया गया। आरोप लगाया गया कि डीएम पुलिस को क्लीनचिट देकर हत्या डीएम पर झूठा बयान देकर हत्यारे पुलिसकर्मियों को बचा रहे हैं। जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर 18 अगस्त को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया गया।
साकेंद्र चौधरी के आवास पर हुई बैठक में भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़ व मंडल उपाध्यक्ष जितेंद्र पहलवान ने कहा कि उन दोनों के साथ कई किसान जसवंत सिंह से थाने में मिलकर आए थे। जसवंत सिंह की मौत की दुहाई देकर उन्हें छोड़ने की अपील की, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। तबीयत बिगड़ने के बाद ही जसवंत सिंह को छोड़ा गया। डीएम पुलिस के साथ कातिलों को बचाने के लिए झूठा बयान दे रहे हैं।
भाकियू जिला प्रवक्ता विजयपाल सिंह ने कहा कि जसवंत सिंह के बेटे निपेंद्र राठी को फर्जी मुकदमे में फंसाया गया। राज्यमंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी पर हमले के समय निपेंद्र राठी डाक बंगले में नहीं थे। पुलिस को चाहिए कि भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के पिता व रुचि वीरा के पति को थाने में बंद करे। उदयन वीरा पर तो अपहरण व एससीएसटी का मुकदमा भी पंजीकृत है। समिति अध्यक्ष राजेंद्र कुमार व सदस्य एमपी सिंह ने कहा कि डीएम ने जनता के सामने दो मुलजिमों को पकड़ने का झूठ बोला। वक्ताओं ने कहा कि डीएम बताएं कि पकड़े गए मुलजिमों को छोड़ दिया या फिर पकड़ा ही नहीं था। रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि इस जघन्य घटना में लीपापोती कर प्रशासन सत्ता की कठपुतली न बने। भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह ने कहा कि जसवंत सिंह की कुर्बानी को पुलिस की राजनीति की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर 17 अगस्त तक कातिलों को गिरफ्तार कर जेल में नहीं डाला गया तो भाकियू, भारतीय किसान मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय जाट महासभा, जाट आरक्षण संघर्ष समिति 18 अगस्त को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करेंगे। अगर फिर भी कार्रवाई न हुई तो 22 अगस्त को महापंचायत बुलाने का एलान किया। पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार ओमपाल सिंह, बाबूराम तोमर, जय सिंह, वीरेंद्र सिंह, नरपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव चौधरी, प्रमोद कुमार, कपिल कुमार आदि ने डीएम व एसपी की भूमिका भी संदिग्ध बताई। इस मामले की फैक्स द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत भी की गई है।
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सीसीटीवी फुटेज मांगी
बैठक में वक्ताओं ने शहर कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज भी दिखाने को कहा। वक्ताओं ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में सब कुछ साफ हो जाएगा।
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डीएम पर लगाया हत्यारे पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप
फोटो
बिजनौर। साकेंद्र चौधरी के पक्ष में गठित अन्याय विरोधी संघर्ष समिति की बैठक में डीएम जगतराज द्वारा जसवंत सिंह की मौत पर दिए गए बयान पर रोष जताया गया। आरोप लगाया गया कि डीएम पुलिस को क्लीनचिट देकर हत्या डीएम पर झूठा बयान देकर हत्यारे पुलिसकर्मियों को बचा रहे हैं। जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर 18 अगस्त को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया गया।
साकेंद्र चौधरी के आवास पर हुई बैठक में भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़ व मंडल उपाध्यक्ष जितेंद्र पहलवान ने कहा कि उन दोनों के साथ कई किसान जसवंत सिंह से थाने में मिलकर आए थे। जसवंत सिंह की मौत की दुहाई देकर उन्हें छोड़ने की अपील की, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। तबीयत बिगड़ने के बाद ही जसवंत सिंह को छोड़ा गया। डीएम पुलिस के साथ कातिलों को बचाने के लिए झूठा बयान दे रहे हैं।
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भाकियू जिला प्रवक्ता विजयपाल सिंह ने कहा कि जसवंत सिंह के बेटे निपेंद्र राठी को फर्जी मुकदमे में फंसाया गया। राज्यमंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी पर हमले के समय निपेंद्र राठी डाक बंगले में नहीं थे। पुलिस को चाहिए कि भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के पिता व रुचि वीरा के पति को थाने में बंद करे। उदयन वीरा पर तो अपहरण व एससीएसटी का मुकदमा भी पंजीकृत है। समिति अध्यक्ष राजेंद्र कुमार व सदस्य एमपी सिंह ने कहा कि डीएम ने जनता के सामने दो मुलजिमों को पकड़ने का झूठ बोला। वक्ताओं ने कहा कि डीएम बताएं कि पकड़े गए मुलजिमों को छोड़ दिया या फिर पकड़ा ही नहीं था। रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि इस जघन्य घटना में लीपापोती कर प्रशासन सत्ता की कठपुतली न बने। भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह ने कहा कि जसवंत सिंह की कुर्बानी को पुलिस की राजनीति की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर 17 अगस्त तक कातिलों को गिरफ्तार कर जेल में नहीं डाला गया तो भाकियू, भारतीय किसान मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय जाट महासभा, जाट आरक्षण संघर्ष समिति 18 अगस्त को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करेंगे। अगर फिर भी कार्रवाई न हुई तो 22 अगस्त को महापंचायत बुलाने का एलान किया। पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार ओमपाल सिंह, बाबूराम तोमर, जय सिंह, वीरेंद्र सिंह, नरपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव चौधरी, प्रमोद कुमार, कपिल कुमार आदि ने डीएम व एसपी की भूमिका भी संदिग्ध बताई। इस मामले की फैक्स द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत भी की गई है।
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सीसीटीवी फुटेज मांगी
बैठक में वक्ताओं ने शहर कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज भी दिखाने को कहा। वक्ताओं ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में सब कुछ साफ हो जाएगा।