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वाह री रजबपुर पुलिस! आंदोलन में नहीं थे, तब भी नामजद
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:05 AM IST
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भाकियू असली ने रजबपुर पर किया था जाम, भाकियू भानू-टिकैत गुट के नेताओं को कर दिया नामजद
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
वाह री रजबपुर थाना पुलिस! भाकियू असली के प्रस्तावित चक्का जाम में एक ओर नामजद और अज्ञात किसान नेताओं व किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमें में गैर किसान संगठन के नेता भी फंसा दिये। जो इस आंदोलन शामिल ही नहीं थे। पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भाकियू भानू गुट में उबाल है। भानू गुट ने रजबपुर एसओ को हटाने की मांग की है।
बता दें कि भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भाकियू असली ने एनएच-24 रजबपुर पर दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक प्रस्तावित चक्का जाम किया था। इस मसले में रजबपुर थाना पुलिस ने भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह समेत 17 किसान नेताओं को नामजद करते हुए 50-60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। हैरत की बात ये है कि पुलिस ने भाकियू भानू गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह और भाकियू टिकैत गुट के सोमपाल सिंह निवासी हिमायूंनगर व भगवान सिंह गांव नगला को भी नामजद कर लिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से किसान संगठनों में आक्रोश है।
भारतीय किसान यूनियन भानू गुट की मंगलवार को चौधरी सुधाकर सिंह के आवास पर बैठक हुई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि किसानों के मुदृदों को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही चक्का जाम के मुकदमें में गलत नामजदगी के खिलाफ रजबपुर थानाध्यक्ष को हटाने की भी मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ की आबादी वाले देश का पेट भरने वाला अन्नदाता आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने पर विवश है। सरकारों की गलत नीति किसानों को ऐसा करने को मजबूर कर रहीं हैं। निति आयोग में ऐसी नीति बनाई जाए जिससे किसान कर्ज के मकड़जाल में न फंस सके। कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों का सातवां वेतन आयोग लागू हो सकता है तो किसानों का स्वामीनाथन आयोग छह अक्तूबर 2006 से धूल क्यों फांक रहा है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं। अध्यक्षता अमरीक सिंह व संचालन दाताराम ने किया। राजवंत, पवन सिंह, सरदार मनजीत सिंह, रोहताश सिंह, विजय पाल सिंह, समरपाल सैनी, विरेंद्र सिंह, हरिओम सैनी, कपिल कुमार, सतीश, हरपाल आदि थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
वाह री रजबपुर थाना पुलिस! भाकियू असली के प्रस्तावित चक्का जाम में एक ओर नामजद और अज्ञात किसान नेताओं व किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमें में गैर किसान संगठन के नेता भी फंसा दिये। जो इस आंदोलन शामिल ही नहीं थे। पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भाकियू भानू गुट में उबाल है। भानू गुट ने रजबपुर एसओ को हटाने की मांग की है।
बता दें कि भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भाकियू असली ने एनएच-24 रजबपुर पर दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक प्रस्तावित चक्का जाम किया था। इस मसले में रजबपुर थाना पुलिस ने भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह समेत 17 किसान नेताओं को नामजद करते हुए 50-60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। हैरत की बात ये है कि पुलिस ने भाकियू भानू गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह और भाकियू टिकैत गुट के सोमपाल सिंह निवासी हिमायूंनगर व भगवान सिंह गांव नगला को भी नामजद कर लिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से किसान संगठनों में आक्रोश है।
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भारतीय किसान यूनियन भानू गुट की मंगलवार को चौधरी सुधाकर सिंह के आवास पर बैठक हुई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि किसानों के मुदृदों को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही चक्का जाम के मुकदमें में गलत नामजदगी के खिलाफ रजबपुर थानाध्यक्ष को हटाने की भी मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ की आबादी वाले देश का पेट भरने वाला अन्नदाता आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने पर विवश है। सरकारों की गलत नीति किसानों को ऐसा करने को मजबूर कर रहीं हैं। निति आयोग में ऐसी नीति बनाई जाए जिससे किसान कर्ज के मकड़जाल में न फंस सके। कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों का सातवां वेतन आयोग लागू हो सकता है तो किसानों का स्वामीनाथन आयोग छह अक्तूबर 2006 से धूल क्यों फांक रहा है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं। अध्यक्षता अमरीक सिंह व संचालन दाताराम ने किया। राजवंत, पवन सिंह, सरदार मनजीत सिंह, रोहताश सिंह, विजय पाल सिंह, समरपाल सैनी, विरेंद्र सिंह, हरिओम सैनी, कपिल कुमार, सतीश, हरपाल आदि थे।
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