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ग्राम पंचायतों में रोपे पौधों की देखभाल लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी करेंगे
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बिजनौर। जिले की ग्राम पंचायतों में रोपे गए पौधों की देखभाल लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। ग्रामवासियों को पौधरोपण के फायदे बताकर पौधे गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ग्रामवासी परिजनों के नाम पर पौधारोपण कर सकते हैं।
सरकारी महकमों द्वारा लाखों पौधे रोपे जाते हैं। शासन को शिकायत मिल रही थी कि पौधरोपण तो कर दिया जाता है परंतु देखभाल के अभाव में पौधे नष्ट हो जाते हैं। इससे शासन को राजस्व नुकसान होने के साथ पर्यावरण शुद्धिकरण पर असर पड़ रहा था। शासन ने मामले में प्रभावी कदम उठाया है। पौधरोपण के बाद पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी तय कर दी है। तहसीलदार सदर धर्मेंद्र कुमार सिंह के अनुसार ग्राम पंचायतों की जमीन पर रोपे गए पौधों की देखभाल हल्का लेखपाल व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। पौधों की सिंचाई व रखरखाव किया जाएगा। इस काम में ग्रामवासियों का सहयोग लिया जाएगा। दोनों गांवों में नुक्कड़ सभा करेंगे। लोगों को पौधरोपण के फायदे बताकर पौधे गोद लेने को समझाएंगे। ग्रामवासी अपने परिजनों के नाम पर पौधों का नामकरण कर सकते हैं। गोद लिए पौधौं की देखभाल संबंधित व्यक्ति करेगा। तहसीलदार ने बताया कि अभियान चलाकर ग्रामवासियों को खाली जमीन, आंगन में पौधरोपण को प्रेरित किया जाएगा। तहसील का 25 हजार पौधरोपण का लक्ष्य है। लेखपालों को हल्का वार संख्या आवंटित कर दी गई है। तहसील की ओर से गांवों में राजस्व अभिलेख के मिलान का अभियान चल रहा है। कुछ जगह ग्राम पंचायत द्वारा बिना अनुमति के दूसरी फसल बोने के मामले सामने आए है। उन जगह को पौधरोपण के लिए खाली करा लिया गया है। मिलान में अवैध कब्जा का कोई मामला सामने नहीं आया है। ग्रामवासी पौधरोपण अभियान में सहयोग करें।
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सरकारी महकमों द्वारा लाखों पौधे रोपे जाते हैं। शासन को शिकायत मिल रही थी कि पौधरोपण तो कर दिया जाता है परंतु देखभाल के अभाव में पौधे नष्ट हो जाते हैं। इससे शासन को राजस्व नुकसान होने के साथ पर्यावरण शुद्धिकरण पर असर पड़ रहा था। शासन ने मामले में प्रभावी कदम उठाया है। पौधरोपण के बाद पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी तय कर दी है। तहसीलदार सदर धर्मेंद्र कुमार सिंह के अनुसार ग्राम पंचायतों की जमीन पर रोपे गए पौधों की देखभाल हल्का लेखपाल व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। पौधों की सिंचाई व रखरखाव किया जाएगा। इस काम में ग्रामवासियों का सहयोग लिया जाएगा। दोनों गांवों में नुक्कड़ सभा करेंगे। लोगों को पौधरोपण के फायदे बताकर पौधे गोद लेने को समझाएंगे। ग्रामवासी अपने परिजनों के नाम पर पौधों का नामकरण कर सकते हैं। गोद लिए पौधौं की देखभाल संबंधित व्यक्ति करेगा। तहसीलदार ने बताया कि अभियान चलाकर ग्रामवासियों को खाली जमीन, आंगन में पौधरोपण को प्रेरित किया जाएगा। तहसील का 25 हजार पौधरोपण का लक्ष्य है। लेखपालों को हल्का वार संख्या आवंटित कर दी गई है। तहसील की ओर से गांवों में राजस्व अभिलेख के मिलान का अभियान चल रहा है। कुछ जगह ग्राम पंचायत द्वारा बिना अनुमति के दूसरी फसल बोने के मामले सामने आए है। उन जगह को पौधरोपण के लिए खाली करा लिया गया है। मिलान में अवैध कब्जा का कोई मामला सामने नहीं आया है। ग्रामवासी पौधरोपण अभियान में सहयोग करें।
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