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किसानों का 547 करोड़ का कर्ज हुआ माफ
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:49 AM IST
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बिजनौर। मुख्यमंत्री फसल ऋण मोचन योजना जिले के किसानों को खूब रास आई है। जिले के 78 हजार से अधिक किसानों का अब तक 547 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो चुका है। ये किसान बैंकों के कर्ज से मुक्त हो गए हैं। 15 अप्रैल तक मांगे गए आवेदन में 22 हजार से अधिक किसानों ने खुद को योजना का पात्र बताया है।
योगी सरकार ने दो हेक्टेयर (25 बीघा) जमीन वाले किसानों को योजना में शामिल किया था। शासनादेश के अनुसार 31 मार्च 2016 से पहले ऋण लेने वाले और 31 मार्च 2017 तक ऋण जमा न करने वाले किसानों के कर्ज से कुल एक लाख रुपये तक की राशि माफ की गई। योजना के तहत शुरूआत में जिले के 71 हजार 706 किसानों का 459 करोड़ रुपया माफ किया गया। इसके बाद एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खाते वाले किसानों का भी सर्वे किया गया। जिले के छह हजार 976 एनपीए खातों वाले किसानों का 88.35 करोड़ का कर्ज माफ हुआ। यानि कुल 78 हजार 682 किसानों का करीब 547 करोड़ का कर्ज माफ हो चुका है।
इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने खुद को पात्र मानने वाले योजना से छूटे किसानों से आपत्ति मांगी थी। जिसके लिए जिले के 22 हजार 364 किसानों ने खुद को योजना का पात्र बताकर आपत्ति दर्ज कराई है। अब इनकी पात्रता की जांच होगी। जिला कृषि अधिकारी/योजना के नोडल अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार पात्रों का ऋण माफ किया गया है। जिन किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है उनकी पात्रता की जांच होगी।
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ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
- किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
- किसान पर दो हेक्टेयर (25 बीघा) से ज्यादा जमीन न हो।
- किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
- खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
- अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
- चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
- किसान द्वारा ऋण राशि का दुरुपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
- फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
- किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
- किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
- किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
- खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
- 25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।
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योगी सरकार ने दो हेक्टेयर (25 बीघा) जमीन वाले किसानों को योजना में शामिल किया था। शासनादेश के अनुसार 31 मार्च 2016 से पहले ऋण लेने वाले और 31 मार्च 2017 तक ऋण जमा न करने वाले किसानों के कर्ज से कुल एक लाख रुपये तक की राशि माफ की गई। योजना के तहत शुरूआत में जिले के 71 हजार 706 किसानों का 459 करोड़ रुपया माफ किया गया। इसके बाद एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खाते वाले किसानों का भी सर्वे किया गया। जिले के छह हजार 976 एनपीए खातों वाले किसानों का 88.35 करोड़ का कर्ज माफ हुआ। यानि कुल 78 हजार 682 किसानों का करीब 547 करोड़ का कर्ज माफ हो चुका है।
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इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने खुद को पात्र मानने वाले योजना से छूटे किसानों से आपत्ति मांगी थी। जिसके लिए जिले के 22 हजार 364 किसानों ने खुद को योजना का पात्र बताकर आपत्ति दर्ज कराई है। अब इनकी पात्रता की जांच होगी। जिला कृषि अधिकारी/योजना के नोडल अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार पात्रों का ऋण माफ किया गया है। जिन किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है उनकी पात्रता की जांच होगी।
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ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
- किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
- किसान पर दो हेक्टेयर (25 बीघा) से ज्यादा जमीन न हो।
- किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
- खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
- अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
- चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
- किसान द्वारा ऋण राशि का दुरुपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
- फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
- किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
- किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
- किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
- खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
- 25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।