{"_id":"5bedc17fbdec22694517e708","slug":"121542308223-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार की गुर्राहट से खौफ के साये में जीने को मजबूर दर्जनों गांववासी, गन्ने के खेत गुलदार के लिए सुरक्षागाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार की गुर्राहट से खौफ के साये में जीने को मजबूर दर्जनों गांववासी, गन्ने के खेत गुलदार के लिए सुरक्षागाह
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुलदार के हमले से ग्रामीणों में दहशत
अफजलगढ़/रेहड़। आबादी क्षेत्र में गुलदार का कुनबा बढ़ने से लोग भयभीत हैं। गुलदार आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं, हमले में 12 लोग घायल हो चुके हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
पेराई सत्र शुरू होने से गुलदार के छुपने की जगह गन्ने के खेत धीरे-धीरे खाली होने लगे हैं। गांव के सुभाष सिंह, दलजीत सिंह, अमरपाल ठाकुर का कहना है कि गुलदार गन्ने के खेत में रहना पसंद करता है। खेतों में किसानों की हलचल बढ़ने से गुलदार हमलावर होने लगे हैं। क्षेत्र के गांव मौसमपुर, शाहपुरजमाल, आलमपुर, हरकिशनपुर, आनंदीपुर, बेरखेड़ा, सलावतनगर, भागीजोत, मौलझड़ी, कादराबाद, केहरीपुर, कल्लूवाला, माधोवाला, छजमलवाला, सिरियावाली आदि में गुलदार की दहशत है। गुलदार एक माह में एक दर्जन से ज्यादा लोगों पर हमले कर चुका है। तीन दिन पहले गुलदार ने अफजलगढ़ में फईम, सलावतनगर में ममता, हरनेक सिंह पर हमला किया। गुलदार की दहशत की वजह से ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं। वहीं, रेंजर अमानगढ़ राकेश शर्मा का कहना है की ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर विभाग संवेदनशील है। वन क्षेत्र से लगे गांवों में ग्रामीणों को समय-समय पर आगाह किया जा रहा है। रात में मवेशियों को खुले में न छोड़ने और स्वयं भी बाहर न निकले की सलाह दी गई है। डीएफओ एम सिमेरन का कहना है कि वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है। गश्ती दल बढ़ा दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर गांव में पिंजरा लगाकर गुलदारों को पकड़ा जाएगा।
विज्ञापन
अफजलगढ़/रेहड़। आबादी क्षेत्र में गुलदार का कुनबा बढ़ने से लोग भयभीत हैं। गुलदार आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं, हमले में 12 लोग घायल हो चुके हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
पेराई सत्र शुरू होने से गुलदार के छुपने की जगह गन्ने के खेत धीरे-धीरे खाली होने लगे हैं। गांव के सुभाष सिंह, दलजीत सिंह, अमरपाल ठाकुर का कहना है कि गुलदार गन्ने के खेत में रहना पसंद करता है। खेतों में किसानों की हलचल बढ़ने से गुलदार हमलावर होने लगे हैं। क्षेत्र के गांव मौसमपुर, शाहपुरजमाल, आलमपुर, हरकिशनपुर, आनंदीपुर, बेरखेड़ा, सलावतनगर, भागीजोत, मौलझड़ी, कादराबाद, केहरीपुर, कल्लूवाला, माधोवाला, छजमलवाला, सिरियावाली आदि में गुलदार की दहशत है। गुलदार एक माह में एक दर्जन से ज्यादा लोगों पर हमले कर चुका है। तीन दिन पहले गुलदार ने अफजलगढ़ में फईम, सलावतनगर में ममता, हरनेक सिंह पर हमला किया। गुलदार की दहशत की वजह से ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं। वहीं, रेंजर अमानगढ़ राकेश शर्मा का कहना है की ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर विभाग संवेदनशील है। वन क्षेत्र से लगे गांवों में ग्रामीणों को समय-समय पर आगाह किया जा रहा है। रात में मवेशियों को खुले में न छोड़ने और स्वयं भी बाहर न निकले की सलाह दी गई है। डीएफओ एम सिमेरन का कहना है कि वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है। गश्ती दल बढ़ा दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर गांव में पिंजरा लगाकर गुलदारों को पकड़ा जाएगा।
विज्ञापन