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लावारिस बालिका को यात्रियों ने आरपीएफ को सौंपा
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:40 PM IST
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आरपीएफ ने बिछुड़ी बालिका परिजनों को सौंपी
नजीबाबाद। लिंक एक्सप्रेस में सफर कर रही एक बालिका परिवार से बिछुड़ गई। आरपीएफ ने सात वर्षीय बालिका से उसके माता-पिता की जानकारी ली। आरपीएफ की मदद से परिजन आरपीएफ चौकी से बालिका को अपने साथ ले गए। मंडी धनौरा निवासी मजदूर पेशा चतर सिंह की पत्नी लोकेश देवी अपने दो बच्चों छाया और विनीत के साथ मायके नगीना आई हुई थी। बुधवार को लिंक एक्सप्रेस से वह नजीबाबाद स्टेशन पर ट्रेन से कुछ सामान लेने उतरी तभी उसकी सात वर्षीय पुत्री छाया भीड़ में कहीं चली गई। कुछ समय बाद रेलवे स्टेशन परिसर में घूमती हुई बालिका को आरपीएफ के सुपुर्द किया गया। आरपीएफ प्रभारी चंद्रकांत शर्मा ने बालिका से उसके परिजनों के बारे में जानकारी की। कुछ समय बाद बालिका की मां लोकेश देवी अपनी बेटी को ढूंढती हुई आरपीएफ चौकी पहुंच गई।
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नजीबाबाद। लिंक एक्सप्रेस में सफर कर रही एक बालिका परिवार से बिछुड़ गई। आरपीएफ ने सात वर्षीय बालिका से उसके माता-पिता की जानकारी ली। आरपीएफ की मदद से परिजन आरपीएफ चौकी से बालिका को अपने साथ ले गए। मंडी धनौरा निवासी मजदूर पेशा चतर सिंह की पत्नी लोकेश देवी अपने दो बच्चों छाया और विनीत के साथ मायके नगीना आई हुई थी। बुधवार को लिंक एक्सप्रेस से वह नजीबाबाद स्टेशन पर ट्रेन से कुछ सामान लेने उतरी तभी उसकी सात वर्षीय पुत्री छाया भीड़ में कहीं चली गई। कुछ समय बाद रेलवे स्टेशन परिसर में घूमती हुई बालिका को आरपीएफ के सुपुर्द किया गया। आरपीएफ प्रभारी चंद्रकांत शर्मा ने बालिका से उसके परिजनों के बारे में जानकारी की। कुछ समय बाद बालिका की मां लोकेश देवी अपनी बेटी को ढूंढती हुई आरपीएफ चौकी पहुंच गई।