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अतिक्रमण बना नासूर, सड़कों पर जाम से जनता हलकान
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:27 AM IST
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सड़कों पर जाम से जनता परेशान
बिजनौर। जिले में अतिक्रमण का जाल बढ़ता जा रहा है। विभाग द्वारा ठेलों को हटाकर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ की औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। अतिक्रमण से जिले भर की सड़कों पर जाम के हालात रहते हैं। स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ तो कई सालों से अभियान नहीं चलाया गया है।
बिजनौर शहर में अतिक्रमण नासूर बनता जा रहा है। आलम यह है कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सिविल लाइन, मुख्य बाजार, मोहल्ला चाहशीरी, रोडवेज बस स्टैंड समेत शहर के अन्य इलाकों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें के आगे सामान रखा हुआ है। अतिक्रमण के खिलाफ जब अभियान चलता है तब कुछ व्यापारी सामान हटा लेते हैं। लेकिन बाद में सामान फिर रख दिया जाता है। अतिक्रमण के कारण प्रतिदिन सड़के भी जाम रहती हैं। सर्वाधिक जाम शास्त्री चौक, जजी चौक, नगर पालिका चौराहा व शंभू दयाल चौराहे पर रहता है। यहां जाम को खुलने में भी काफी समय लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी छुट्टी के बाद घर जाने वाले विद्यार्थियों को होती है। ये विद्यार्थी जाम में फंसे रहते हैं। शहर में सबसे बड़ी जाम की समस्या ई रिकशा ने खड़ी कर रखी है। पांच हजार से ज्यादा ई रिकशा शहर में दौड़ रही हैं। इन ई रिकशा की वजह से जगह जगह जाम लगा रहता हैं। उधर, प्रशासन ने भी ई रिकशा के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया है। एसडीएम बृजेश कुमार के अनुसारदो दिन बाद अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। किसी भी सूरत में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
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बिजनौर। जिले में अतिक्रमण का जाल बढ़ता जा रहा है। विभाग द्वारा ठेलों को हटाकर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ की औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। अतिक्रमण से जिले भर की सड़कों पर जाम के हालात रहते हैं। स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ तो कई सालों से अभियान नहीं चलाया गया है।
बिजनौर शहर में अतिक्रमण नासूर बनता जा रहा है। आलम यह है कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सिविल लाइन, मुख्य बाजार, मोहल्ला चाहशीरी, रोडवेज बस स्टैंड समेत शहर के अन्य इलाकों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें के आगे सामान रखा हुआ है। अतिक्रमण के खिलाफ जब अभियान चलता है तब कुछ व्यापारी सामान हटा लेते हैं। लेकिन बाद में सामान फिर रख दिया जाता है। अतिक्रमण के कारण प्रतिदिन सड़के भी जाम रहती हैं। सर्वाधिक जाम शास्त्री चौक, जजी चौक, नगर पालिका चौराहा व शंभू दयाल चौराहे पर रहता है। यहां जाम को खुलने में भी काफी समय लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी छुट्टी के बाद घर जाने वाले विद्यार्थियों को होती है। ये विद्यार्थी जाम में फंसे रहते हैं। शहर में सबसे बड़ी जाम की समस्या ई रिकशा ने खड़ी कर रखी है। पांच हजार से ज्यादा ई रिकशा शहर में दौड़ रही हैं। इन ई रिकशा की वजह से जगह जगह जाम लगा रहता हैं। उधर, प्रशासन ने भी ई रिकशा के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया है। एसडीएम बृजेश कुमार के अनुसारदो दिन बाद अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। किसी भी सूरत में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
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