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बाढ राहत की सभी तैयारियां पूर्ण
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:53 AM IST
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बाढ़ राहत की सभी तैयारियां पूर्ण
बिजनौर। जनपद में बाढ़ राहत की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इसके लिए जनपद में 34 बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं। चिकित्सा के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से समस्त 11 ब्लाकों में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी विरा/बाढ प्रभारी ने बताया कि जनपद की बिजनौर तहसील में गंगा व मालन नदी, धामपुर में खो, गांगन, राम गंगा, बनैली, पीली, फीका, नजीबाबाद में गंगा व मालन नदी, नगीना में मालन व चांदपुर तहसील से होकर गंगा बहती है। जनपद में कुल बाढ़ प्रभावित गांव 321 है। बाढ़ से प्राय प्रभावित होने वाले गांव 67 हैं। इनमें संवेदनशील गांव कुंदनपुर गंगा नदी कटाव, शेरकोट-कोपा एवं हादकपुर खो नदी कटाव, गौसपुर गंगा नदी कटाव बाया मार्जिनला, सुखरो नदी, भगवानपुर खो नदी से अत्यधिक प्रभावित होते हैं। बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इसमें मध्य गंगा बैराज, बिजनौर, दारानगर विदूर कुटी तथा अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर तथा खो-बैराज, पीली जलाशय निरीक्षण गृह एवं हरेवली बैराज पर की है। इसमें जनपद में कुल बाढ़ चौकी 34, बाढ़ नियंत्रण कक्ष छह बनाए गए हैं। जनपद में नावों की उपलब्धता 35 तथा नाविक गोताखोरों की संख्या 31 है। बाढ़ शरणालयों की संख्या 33 है।
उन्होंने बताया कि ठेकेदारों से भूसे के रेट के लिए टेंडर किए जा चुके हैं। निगोसिएशन की प्रक्रिया प्रगति पर है। पशुओं के टीकाकरण का कार्य भी मई में पूर्ण कर लिया गया है। प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 12 एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया है कि राहत एवं बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों की व्यवस्था की गई है। जरूरत पर पीएसी और सेना के रुकने की व्यवस्था भी की गई है।
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बिजनौर। जनपद में बाढ़ राहत की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इसके लिए जनपद में 34 बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं। चिकित्सा के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से समस्त 11 ब्लाकों में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। जिला मुख्यालय समेत सभी तहसील में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी विरा/बाढ प्रभारी ने बताया कि जनपद की बिजनौर तहसील में गंगा व मालन नदी, धामपुर में खो, गांगन, राम गंगा, बनैली, पीली, फीका, नजीबाबाद में गंगा व मालन नदी, नगीना में मालन व चांदपुर तहसील से होकर गंगा बहती है। जनपद में कुल बाढ़ प्रभावित गांव 321 है। बाढ़ से प्राय प्रभावित होने वाले गांव 67 हैं। इनमें संवेदनशील गांव कुंदनपुर गंगा नदी कटाव, शेरकोट-कोपा एवं हादकपुर खो नदी कटाव, गौसपुर गंगा नदी कटाव बाया मार्जिनला, सुखरो नदी, भगवानपुर खो नदी से अत्यधिक प्रभावित होते हैं। बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इसमें मध्य गंगा बैराज, बिजनौर, दारानगर विदूर कुटी तथा अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर तथा खो-बैराज, पीली जलाशय निरीक्षण गृह एवं हरेवली बैराज पर की है। इसमें जनपद में कुल बाढ़ चौकी 34, बाढ़ नियंत्रण कक्ष छह बनाए गए हैं। जनपद में नावों की उपलब्धता 35 तथा नाविक गोताखोरों की संख्या 31 है। बाढ़ शरणालयों की संख्या 33 है।
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उन्होंने बताया कि ठेकेदारों से भूसे के रेट के लिए टेंडर किए जा चुके हैं। निगोसिएशन की प्रक्रिया प्रगति पर है। पशुओं के टीकाकरण का कार्य भी मई में पूर्ण कर लिया गया है। प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 12 एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया है कि राहत एवं बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों की व्यवस्था की गई है। जरूरत पर पीएसी और सेना के रुकने की व्यवस्था भी की गई है।
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