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रिनुअल की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नही होने पर 34 लाइसेंस निरस्त
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:12 AM IST
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34 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस हुए निरस्त
बिजनौर। मेडिकल स्टोर लाइसेंस रिन्यूवल की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कराने के कारण 34 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो गए हैं। इससे पहले मेडिकल स्टोर संचालकों को औषधि अनुज्ञापन अधिकारी मुरादाबाद की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। लाइसेंस निरस्त होने के बाद से संचालकों में खलबली मच गई है।
जिले के 37 मेडिकल स्टोर मालिकों ने एसोसिएशन के माध्यम से दिसंबर 2016 में रिन्यूवल होने वाले लाइसेंस की पत्रावली मई 2017 में औषधि निरीक्षक कार्यालय को भेजवाई थी, लेकिन रिन्यूवल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किया गया था। इस कारण से डीआई आशुतोष मिश्रा ने 37 मेडिकल स्टोर मालिकों को लाइसेंस पत्रावली वापस भेजकर ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद जमा करने को कहा था, लेकिन मेडिकल स्टोर मालिकों ने दोबारा पत्रावली बिना ऑनलाइन किए बिना औषधि निरीक्षक कार्यालय में जमा करा दी। डीआई आशुतोष मिश्रा ने पत्रावली पर अपनी रिपोर्ट लगाकर औषधि अनुज्ञापन अधिकारी मुरादाबाद को भेज दी। औषधि अनुज्ञापन अधिकारी ने सभी मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी कर कहा कि अगर वह 30 जून से पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लेट फीस के साथ पत्रावली औषधि निरीक्षक कार्यालय में जमा करते है, तो उनका लाइसेंस रिन्यूवल हो जाएगा, अन्यथा 30 जून को लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो जाएगा। तीन मेडिकल स्टोर मालिकों ने तो रिन्यूवल की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने के बाद पत्रावली जमा कर दी थी, इस स्थिति में उनका मेडिकल स्टोर लाइसेंस बच गया, लेकिन 34 मेडिकल स्टोर मालिकों ने ऐसा नहीं किया इसके कारण उनके मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त हो गए हैं।
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बिजनौर। मेडिकल स्टोर लाइसेंस रिन्यूवल की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कराने के कारण 34 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो गए हैं। इससे पहले मेडिकल स्टोर संचालकों को औषधि अनुज्ञापन अधिकारी मुरादाबाद की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। लाइसेंस निरस्त होने के बाद से संचालकों में खलबली मच गई है।
जिले के 37 मेडिकल स्टोर मालिकों ने एसोसिएशन के माध्यम से दिसंबर 2016 में रिन्यूवल होने वाले लाइसेंस की पत्रावली मई 2017 में औषधि निरीक्षक कार्यालय को भेजवाई थी, लेकिन रिन्यूवल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किया गया था। इस कारण से डीआई आशुतोष मिश्रा ने 37 मेडिकल स्टोर मालिकों को लाइसेंस पत्रावली वापस भेजकर ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद जमा करने को कहा था, लेकिन मेडिकल स्टोर मालिकों ने दोबारा पत्रावली बिना ऑनलाइन किए बिना औषधि निरीक्षक कार्यालय में जमा करा दी। डीआई आशुतोष मिश्रा ने पत्रावली पर अपनी रिपोर्ट लगाकर औषधि अनुज्ञापन अधिकारी मुरादाबाद को भेज दी। औषधि अनुज्ञापन अधिकारी ने सभी मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी कर कहा कि अगर वह 30 जून से पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लेट फीस के साथ पत्रावली औषधि निरीक्षक कार्यालय में जमा करते है, तो उनका लाइसेंस रिन्यूवल हो जाएगा, अन्यथा 30 जून को लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो जाएगा। तीन मेडिकल स्टोर मालिकों ने तो रिन्यूवल की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने के बाद पत्रावली जमा कर दी थी, इस स्थिति में उनका मेडिकल स्टोर लाइसेंस बच गया, लेकिन 34 मेडिकल स्टोर मालिकों ने ऐसा नहीं किया इसके कारण उनके मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त हो गए हैं।
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