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शराब की दूकान बंद कराने सड़क पर उतरीं महिलाएं
bhadohi hindi news
Updated Thu, 13 Apr 2017 01:17 AM IST
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अहमदपुर फुलवरिया में शराब की दुकान बंद कराने पहुंची महिलाएं
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कोतवाली क्षेत्र के अहमदपुर फुलवरिया में देशी शराब की दूकान बंद कराने के लिए बुधवार को दर्जनों महिलाएं हाथों में लाठी-डंडा लेकर सड़क पर उतर गईं। कहा कि यह दूकान नियम कानून के विपरीत खुली है। इसे अब हम यहां और नहीं बर्दाश्त करेंगे। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने महिलाओं को समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाकर किसी तरह शांत कराया।
अहमदपुर फुलवरिया गांव में बुधवार को 12 बजे के आसपास बड़ी संख्या में महिलाएं शराब की दूकान के खिलाफ लामबंद हो गईं। कहा कि यहां शराब की दूकान तीन साल से खुली हुई है। इस दूकान के 100 मीटर के दायरे में एक स्कूल और एक धार्मिक स्थल है। इसके अलावा गांव की घनी आबादी है, जिस पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। नशे की गिरफ्त में उलझकर क्षेत्र के युवा भटक रहे हैं। लेकिन, इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
पति और बेटों के भटकने से गरीब परिवारों की घर गृहस्थी उजड़ रही है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद नियम कानून की जानकारी हुई है। अब हम यहां दूकान नहीं चलने देंगे। महिलाओं ने प्रशासन से दूकान को नियम कानून के तहत वहां से हटाने की मांग की। जानकारी मिलने पर गांव की प्रधान वंदना जायसवाल भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं का पक्ष रखते हुए कहा कि शराब की दूकान खुलने से कई गृहस्थियां तबाह हो चुकी हैं। घर में बच्चों के लिए दूध नहीं है, लेकिन पुरुष कमाई का बड़ा हिस्सा शराब और नशे में उड़ा दे रहे हैं। महिलाओं के हंगामे की सूचना पाकर कोतवाली पुलिस पहुंची। महिलाएं काफी गुस्से में थीं। साथ में युवक और गांव के कई नौजवान भी थे। इस दौरान पुलिस और ग्राम प्रधान ने महिलाओं को समझाया और उनकी बात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष उठाने का भरोसा दिलाकर दूकान का स्थल बदलवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर महिलाएं शांत हुईं। इस मौके पर सुधरा देवी, जड़ावती, सुरशक्ति, धंजु देवी, शांति, सुमित्रा, सीता देवी, रीता देवी, चंदा, रेखा देवी, गीता देवी, जगवंती देवी, निर्मला, उर्मिला, अन्नू देवी, हीरावती आदि रहीं।
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अहमदपुर फुलवरिया गांव में बुधवार को 12 बजे के आसपास बड़ी संख्या में महिलाएं शराब की दूकान के खिलाफ लामबंद हो गईं। कहा कि यहां शराब की दूकान तीन साल से खुली हुई है। इस दूकान के 100 मीटर के दायरे में एक स्कूल और एक धार्मिक स्थल है। इसके अलावा गांव की घनी आबादी है, जिस पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। नशे की गिरफ्त में उलझकर क्षेत्र के युवा भटक रहे हैं। लेकिन, इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
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पति और बेटों के भटकने से गरीब परिवारों की घर गृहस्थी उजड़ रही है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद नियम कानून की जानकारी हुई है। अब हम यहां दूकान नहीं चलने देंगे। महिलाओं ने प्रशासन से दूकान को नियम कानून के तहत वहां से हटाने की मांग की। जानकारी मिलने पर गांव की प्रधान वंदना जायसवाल भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं का पक्ष रखते हुए कहा कि शराब की दूकान खुलने से कई गृहस्थियां तबाह हो चुकी हैं। घर में बच्चों के लिए दूध नहीं है, लेकिन पुरुष कमाई का बड़ा हिस्सा शराब और नशे में उड़ा दे रहे हैं। महिलाओं के हंगामे की सूचना पाकर कोतवाली पुलिस पहुंची। महिलाएं काफी गुस्से में थीं। साथ में युवक और गांव के कई नौजवान भी थे। इस दौरान पुलिस और ग्राम प्रधान ने महिलाओं को समझाया और उनकी बात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष उठाने का भरोसा दिलाकर दूकान का स्थल बदलवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर महिलाएं शांत हुईं। इस मौके पर सुधरा देवी, जड़ावती, सुरशक्ति, धंजु देवी, शांति, सुमित्रा, सीता देवी, रीता देवी, चंदा, रेखा देवी, गीता देवी, जगवंती देवी, निर्मला, उर्मिला, अन्नू देवी, हीरावती आदि रहीं।
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