{"_id":"66cde34d48b7cf68ccd70880d20709a7","slug":"vrkarder-four-months-after-the-construction-work-could-not-be-started-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्कआर्डर के चार माह बाद भी नहीं शुरू हो सका निर्माण कार्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्कआर्डर के चार माह बाद भी नहीं शुरू हो सका निर्माण कार्य
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Sat, 31 Oct 2015 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मार्ग के दोनों ओर अंडर ग्राउंड नाला निर्माण का वर्कआर्डर जारी हुए चार माह बीत जाने के बाद भी ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया है। ठेकेदार का कहना है कि मिनी सदन में सभासदों की गुटबाजी के चलते काम शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
दरोपुर - शहाबाबाद मार्ग मथुरापुर बाईपास मार्ग को शहर से जोड़ने वाला अहम रास्ता है। नईबाजार से भारी संख्या में लोग इस मार्ग से आते जाते हैं लेकिन दुर्दशा के चलते लोगों को भारी दुश्वारी का सामना हो रहा है।
लेकिन यह मार्ग जितना महत्वपूर्ण है उतना ही उपेक्षित भी। उपेक्षा का आलम यह है कि जलनिकासी के अभाव में पूरा मार्ग ही नाले का रूप ले चुका है।
यह दशा महीनों से है। जिस पर स्कूली बच्चे हो यां छात्राएं, पैदल चलने वाले हों या वाहन सवार सब को दिक्कत हो रही है। छोटे छोटे बच्चे पानी में गिर कर चोटिल हो रहे हैं। पालिकाध्यक्ष, महलका सिद्दीकी बताती हैं कि इस मार्ग के दोनों ओर 80 लाख रूपये की लागत अंडरग्राउंड नाला निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है. वर्कआर्डर भी जारी किए चार माह हो चुके हैं लेकिन ठेकेदार निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
ठेकेदार महेंद्र यादव जिसे वर्कआर्डर मिला है उनका कहना है कि बोर्ड में इन दिनों उठा पटक का दौर चल रहा है। सभासद दो गुटों में बंट गए हैं। इस मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव फेल कर चुके हैं। ऐसे में नाला निर्माण के बाद भुगतान होगा कि नहीं इसको लेकर उसे संशय है। परेशान हाल लोगों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने कहा है कि यह मार्ग कब का बन जाना चाहिए था लेकिन विलंब होने से दिक्कतें बढ़ रही है।
विज्ञापन
दरोपुर - शहाबाबाद मार्ग मथुरापुर बाईपास मार्ग को शहर से जोड़ने वाला अहम रास्ता है। नईबाजार से भारी संख्या में लोग इस मार्ग से आते जाते हैं लेकिन दुर्दशा के चलते लोगों को भारी दुश्वारी का सामना हो रहा है।
विज्ञापन
लेकिन यह मार्ग जितना महत्वपूर्ण है उतना ही उपेक्षित भी। उपेक्षा का आलम यह है कि जलनिकासी के अभाव में पूरा मार्ग ही नाले का रूप ले चुका है।
यह दशा महीनों से है। जिस पर स्कूली बच्चे हो यां छात्राएं, पैदल चलने वाले हों या वाहन सवार सब को दिक्कत हो रही है। छोटे छोटे बच्चे पानी में गिर कर चोटिल हो रहे हैं। पालिकाध्यक्ष, महलका सिद्दीकी बताती हैं कि इस मार्ग के दोनों ओर 80 लाख रूपये की लागत अंडरग्राउंड नाला निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है. वर्कआर्डर भी जारी किए चार माह हो चुके हैं लेकिन ठेकेदार निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
ठेकेदार महेंद्र यादव जिसे वर्कआर्डर मिला है उनका कहना है कि बोर्ड में इन दिनों उठा पटक का दौर चल रहा है। सभासद दो गुटों में बंट गए हैं। इस मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव फेल कर चुके हैं। ऐसे में नाला निर्माण के बाद भुगतान होगा कि नहीं इसको लेकर उसे संशय है। परेशान हाल लोगों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने कहा है कि यह मार्ग कब का बन जाना चाहिए था लेकिन विलंब होने से दिक्कतें बढ़ रही है।