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महीने में चौथी बार खरगपुर के ग्रामीणों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:56 AM IST
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कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन करते खरगपुर के ग्रामीण। अमर उजाला
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औराई विकास खंड के खरगपुर गांव के कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने महीने में चौथी बार डीएम का दरवाजा खटखटाया। आरोप लगाया कि डीएसओ की जांच में अनियमितता मिलने के बाद भी एसडीएम हीलाहवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अविलंब निर्णय न लिया गया तो वह आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।
डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ढाई दशक से गांव में एक व्यक्ति के पास कोटा है। चहेतों के अलावा गांव में 80 फीसदी से अधिक लोगों को अनाज, केरोसिन और चीनी दो साल से नहीं मिल रहा है। कोटेदार के खिलाफ कई बार शिकायत की गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों डीएसओ ने दूकान की जांच की तो काफी गड़बड़ी मिली।
डीएसओ स्तर से जांच रिपोर्ट भेज दी गई लेकिन उप जिलाधिकारी औराई कोटेदार को बचाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की ओर से जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में शोभनाथ पाल, यासीन, नंद प्रकाश पाल, संतलाल यादव, हिंछलाल यादव, जगवंती देवी, श्रवण कुमार बिंद, अशोक पाल, प्रभुनाथ यादव, सीता देवी, पार्वती, कमला आदि रहीं। वहीं दूसरी ओर उप जिलाधिकारी औराई केशवनाथ ने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद कोटेदार को आरोपपत्र जारी किया गया है। किसी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती। आरोपपत्र का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ढाई दशक से गांव में एक व्यक्ति के पास कोटा है। चहेतों के अलावा गांव में 80 फीसदी से अधिक लोगों को अनाज, केरोसिन और चीनी दो साल से नहीं मिल रहा है। कोटेदार के खिलाफ कई बार शिकायत की गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों डीएसओ ने दूकान की जांच की तो काफी गड़बड़ी मिली।
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डीएसओ स्तर से जांच रिपोर्ट भेज दी गई लेकिन उप जिलाधिकारी औराई कोटेदार को बचाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की ओर से जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में शोभनाथ पाल, यासीन, नंद प्रकाश पाल, संतलाल यादव, हिंछलाल यादव, जगवंती देवी, श्रवण कुमार बिंद, अशोक पाल, प्रभुनाथ यादव, सीता देवी, पार्वती, कमला आदि रहीं। वहीं दूसरी ओर उप जिलाधिकारी औराई केशवनाथ ने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद कोटेदार को आरोपपत्र जारी किया गया है। किसी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती। आरोपपत्र का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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