{"_id":"7e1159b0bc759084a5aec346a2bbb94a","slug":"urdu-is-the-district-with-the-proud-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उर्दू के साथ साथ जनपद को किया गौरवान्वित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उर्दू के साथ साथ जनपद को किया गौरवान्वित
Updated Sat, 10 Oct 2015 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गत दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव के हाथों सम्मानित शाबान के भदोही लौटने पर मशाल रोड स्थित एक समारोह में शायरों ने कहा कि शाबान ने उर्दू के साथ साथ जिले को भी गौरान्वित किया है।
नगर के दर्जनों लोगों ने शुक्रवार को शाबान करीमी को फूल मालाओं से स्वागत करते हुए कहा कि युवा शाबान शायरी के उभरते सितारे हैं। शायरी उन्हें अपने पिता शमसाद करीमी से विरासत में मिली है। कहा गया कि आज जब खुद मुस्लिम उर्दू से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में शाबान ने उर्दू में उन्होंने जिले में सर्वाधिक अंक हासिल कर भदोही को गौरव बढाया है। समारोह में उस्ताद शायर तौकीर अहमद अंसारी ने अपनी शायरी के जरिये स्वागत किया। उन्होंने जब- वजीरे आला की जानिब से यह तोहफा मुबारक, जमाने में तुमको यह दर्जा मुबारक पढा तो लोगों ने वाहवाही में तालियों से स्वागत किया। स्वागत करने वालों में मजनू भदोहवी, मुशीर एकबाल, मसूद आलम, सैयद एखलाक, समशाद करीमी, कर्मराज किसलय, सैयद वेसाल, जिशान अहमद, शकील अनवर खां, करमचंद बिंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
नगर के दर्जनों लोगों ने शुक्रवार को शाबान करीमी को फूल मालाओं से स्वागत करते हुए कहा कि युवा शाबान शायरी के उभरते सितारे हैं। शायरी उन्हें अपने पिता शमसाद करीमी से विरासत में मिली है। कहा गया कि आज जब खुद मुस्लिम उर्दू से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में शाबान ने उर्दू में उन्होंने जिले में सर्वाधिक अंक हासिल कर भदोही को गौरव बढाया है। समारोह में उस्ताद शायर तौकीर अहमद अंसारी ने अपनी शायरी के जरिये स्वागत किया। उन्होंने जब- वजीरे आला की जानिब से यह तोहफा मुबारक, जमाने में तुमको यह दर्जा मुबारक पढा तो लोगों ने वाहवाही में तालियों से स्वागत किया। स्वागत करने वालों में मजनू भदोहवी, मुशीर एकबाल, मसूद आलम, सैयद एखलाक, समशाद करीमी, कर्मराज किसलय, सैयद वेसाल, जिशान अहमद, शकील अनवर खां, करमचंद बिंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन