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सवा दो लाख बच्चों पर तीन बाल रोग विशेषज्ञ

Fri, 04 Jun 2021 06:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 06:15 PM IST
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Three pediatricians per 1.25 lakh children
ज्ञानपुर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है, लेकिन स्थिति तो यह है कि करीब दो लाख 25 हजार बच्चों पर मात्र तीन बाल रोग विशेषज्ञ है। ऐसे में मासूमों की मुश्किलें बढ़नी तय है। विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में 80 बेड का बच्चा वार्ड बनाया गया है।
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दरअसल कोरोना की दूसरी लहर ने शासन से लेकर प्रशासन तक को हिलाकर रख दिया। ऑक्सीजन की कमी से लेकर अन्य जरूरी सुविधाएं आम जन को समय से नहीं मिला, जिसके चलते भारी जन हानि हुई। कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेकर संभावित तीसरी लहर की तैयारियों में प्रशासनिक अमला जुट गया है, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञों की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे में निजी बाल रोग विशेषज्ञों से सहयोग लेकर उन्हें भी संभावित संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिला अस्पताल, एमबीएस अन्य सीएचसी में कुल 10 बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन ही विशेषज्ञ हैं। ऐसे में संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए निजी बाल रोग विशेषज्ञों से सहायता लेने की तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह में बच्चा वार्ड स्थापित कराया जा रहा है, जिसमें 50 बेड जनरल वार्ड, 10 आईसीयू और 15 बेड एचडीयू में सुरक्षित रखा गया है। वहीं संक्रमित होने वाले बच्चों को ऑक्सीजन की दिक्कत न हो, इसके लिए एक और प्लांट लगाया जा रहा है। ऐसे में ऑक्सीजन की किल्लत पूर्णत: दूर हो जाएगी। वहीं जांच की सुविधा बढ़ाने को लेकर भी अलग से व्यवस्था की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी बेड की संख्या को बढ़ाया गया है।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञों की सरकारी अस्पतालों में कमी है। इस समय तीन बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जनरल मेडिसिन के डॉक्टरों से भी उपचार के दौरान मदद ली जाएगी। एएनएम, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती को लेकर सूची तैयार की जा रही है।
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