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हर मन्नत पूरी होती है घोपइला देवी के दरबार में
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Fri, 08 Apr 2016 02:15 AM IST
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घोपइला देवी धाम
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देवी आराधना का पवित्र पर्व नवरात्र शुक्रवार को आरंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाली शक्ति स्वरूपा के विभिन्न रूपों की उपासना को लेकर बृहस्पतिवार शाम तक तैयारियां पूर्ण कर ली गईं। ज्ञानपुर से लगे धार्मिक घोपइला धाम को रंग-रोगन कर श्रद्धालुओं के लिए सजा दिया गया है। नवरात्र में इस दुर्गा मंदिर का महात्म्य बढ़ जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए यहां पहुंचते हैं।
घोपइला धाम के नाम से प्रसिद्ध दुर्गा धाम पर नवरात्र में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु हाजिरी लगाने पहुंचते हैँ। नवरात्र के पहले दिन की तैयारियों को मंदिर परिसर में पूर्ण कर लिया गया है। मंदिर की स्थापना करने वाले परिवार से जुड़े अवधेश चंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि मंदिर की स्थापना 1924 में उनके दादा जी ने कराई थी। इसके पीछे संतान न होना वजह बताई गई थी। कहते हैं कि एक पंडित जी उन्हें बताया कि तुम एक दुर्गा मंदिर बनवाओ। इसके बाद मंदिर बनवाया गया और उसके दो साल बाद 1926 में मेरे पिताजी का जन्म हुआ। मां दुर्गा के आशीर्वाद से उनका जन्म होने के कारण उनका नाम दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव रखा गया। मां की महिमा अपरंपार है। मान्यता है कि जो भी भक्त यहां पूरी आस्था के साथ मां के दर्शन करने पहुंचता है, मां उसकी सभी मुरादें पूरी करती हैं। नवरात्र के निमित्त मंदिर की रंगाई-पुताई के बाद बिजली-झालर आदि से सजाने का काम पूरा किया गया। शुक्रवार से पूरे नौ दिन यहां देवी महिमा से वातावरण भक्तिमय रहेगा।
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घोपइला धाम के नाम से प्रसिद्ध दुर्गा धाम पर नवरात्र में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु हाजिरी लगाने पहुंचते हैँ। नवरात्र के पहले दिन की तैयारियों को मंदिर परिसर में पूर्ण कर लिया गया है। मंदिर की स्थापना करने वाले परिवार से जुड़े अवधेश चंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि मंदिर की स्थापना 1924 में उनके दादा जी ने कराई थी। इसके पीछे संतान न होना वजह बताई गई थी। कहते हैं कि एक पंडित जी उन्हें बताया कि तुम एक दुर्गा मंदिर बनवाओ। इसके बाद मंदिर बनवाया गया और उसके दो साल बाद 1926 में मेरे पिताजी का जन्म हुआ। मां दुर्गा के आशीर्वाद से उनका जन्म होने के कारण उनका नाम दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव रखा गया। मां की महिमा अपरंपार है। मान्यता है कि जो भी भक्त यहां पूरी आस्था के साथ मां के दर्शन करने पहुंचता है, मां उसकी सभी मुरादें पूरी करती हैं। नवरात्र के निमित्त मंदिर की रंगाई-पुताई के बाद बिजली-झालर आदि से सजाने का काम पूरा किया गया। शुक्रवार से पूरे नौ दिन यहां देवी महिमा से वातावरण भक्तिमय रहेगा।
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