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कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:33 AM IST
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कोटेदार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते खरगपुर के ग्रामीण।
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औराई तहसील के खरगपुर के कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज 100 से अधिक ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर तीसरी बार प्रदर्शन किया। शपथपत्र देकर ग्रामीणों ने 25 साल से अनाज का वितरण न करने का आरोप लगाया। तहसील प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दूकान को निरस्त करने की मांग की। कहा कि अविलंब कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्राम प्रधान अरुण कुमार पाल के नेतृत्व में बुधवार को विभिन्न बस्तियों के 100 से अधिक संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गत दो दशक से गांव में कोटे का अनाज, केरोसिन, चीनी का वितरण न कर बाजार में बेच दिया जा रहा है। तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई बार शिकायत की गई। जांच के लिए अधिकारी नामित होते हैं लेकिन खानापूर्ति तक ही मामला सिमट जाता है।
अनाज न मिलने की शिकायत जनप्रतिनिधियों से भी की गई लेकिन उस पर कोई अमल नहीं किया गया। इससे गांव के लोगों को सरकार से मिलने वाली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने उक्त कोटे की दूकान को निरस्त कर दूसरे स्थान पर अटैच करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में हिंछलाल, रमाशंकर, शोभनाथ पाल, सेवालाल, योगेश चंद्र यादव, रामनरेश, नगीना, गीता देवी, जगवंती, निर्मला, फुलदेई, रमपत्ती देवी, इसराजी, रूपाली, श्यामला समेत कई लोग रहे।
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ग्राम प्रधान अरुण कुमार पाल के नेतृत्व में बुधवार को विभिन्न बस्तियों के 100 से अधिक संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गत दो दशक से गांव में कोटे का अनाज, केरोसिन, चीनी का वितरण न कर बाजार में बेच दिया जा रहा है। तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई बार शिकायत की गई। जांच के लिए अधिकारी नामित होते हैं लेकिन खानापूर्ति तक ही मामला सिमट जाता है।
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अनाज न मिलने की शिकायत जनप्रतिनिधियों से भी की गई लेकिन उस पर कोई अमल नहीं किया गया। इससे गांव के लोगों को सरकार से मिलने वाली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने उक्त कोटे की दूकान को निरस्त कर दूसरे स्थान पर अटैच करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में हिंछलाल, रमाशंकर, शोभनाथ पाल, सेवालाल, योगेश चंद्र यादव, रामनरेश, नगीना, गीता देवी, जगवंती, निर्मला, फुलदेई, रमपत्ती देवी, इसराजी, रूपाली, श्यामला समेत कई लोग रहे।
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