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पीएमजीएसवाई की सड़कें खराब, लोगों को हो रही परेशानी

Sun, 27 Mar 2022 12:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:39 AM IST
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The roads of PMGSY are bad, people are facing problems
जिले के दक्षिणी छोर पर स्थित कोनिया इलाके की सड़कें मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एक दशक पूर्व बनी कई सड़कों की गिट्टियां उखड़ गई हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कार्यदायी संस्था लोक निर्माण, आरईएस और जिला पंचायत छोटी से बड़ी सड़कों के निर्माण व मरम्मत का काम कराती रही हैं। ग्रामीण अंचलों की ज्यादातर सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत कराई जाती हैं, लेकिन कोनिया क्षेत्र की 20 से अधिक ग्रामीण सड़कों की मरम्मत नहीं होने से वे बदहाल हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं होने से समय से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। भटगवां प्रधानमंत्री सड़क, टेला करवंधिया मार्ग से अरई गंगा घाट और अरई पाल बस्ती के साथ ही डीघ गांव की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उधर, प्राथमिक शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रदेश सरकार कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायतों के माध्यम से स्कूलों के सुंदरीकरण और सुविधाओं में सुधार के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन कई स्कूलों तक जाने के लिए अभी तक सड़कें भी मयस्सर नहीं है। डीघ ब्लॉक के संकुल विद्यालय गजाधरपुर, तलवां, भभौरी, डीघ,कलिक मवैया, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बनकट, भदरांव, भटगवां, प्राथमिक विद्यालय कूड़ी प्रथम, कुढ़वा, फुलवरिया सहित कई प्राथमिक और संकुल विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को धूल भरी कच्ची सड़क, ऊंची नीची पगडंडियों से होकर स्कूल जाना आना पड़ता है। डीघ तलवा संकुल विद्यालय के शिक्षक विश्वास मिश्र कहते हैं कि स्कूल तक सिर्फ कच्चा रास्ता है। बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों को काफी दिक्कत होती है। स्कूल के कक्षा आठ में पढ़ने वाली छात्रा मुस्कान, सोनी, पूर्णिमा, रानी आदि ने कहा कि हम सभी बच्चे कच्चे रास्ते से होकर स्कूल आते जाते हैं। सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी चंद्रबली चौबे कहते हैं कि यह विडंबना ही है कि प्राइमरी विद्यालयों में बच्चों को स्कूल आने के लिए सड़क तक नहीं बन सकी है। हृदय नारायण दूबे कहते हैं कि गांव के प्राथमिक विद्यालय तक जाने के लिए सड़क नहीं बन सकी है। आरईएस के अधिशासी अभियंता रईस अंसारी का कहना है कि सड़कों की मरम्मत के लिए सवा दो करोड़ मिले हैं। जरूरी मार्गों की मरम्मत कराई जा रही है। अगले वित्तीय वर्ष में जरूरत के हिसाब से बजट मिलने पर सभी सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।
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