{"_id":"574b4f744f1c1beb4d108f03","slug":"the-mother-jumped-into-the-well-to-save-daughter-both-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटी को बचाने मां कुएं में कूदी, दोनों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटी को बचाने मां कुएं में कूदी, दोनों की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Mon, 30 May 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशुनदेवपुर गांव में रविवार दोपहर कुएं में गिरी बेटी को बचाने के लिए मां ने भी छलांग लगा दी। इससे दोनों की मौत हो गई।
किशुनदेवपुर निवासी जितेंद्र दुबे की डेढ़ वर्षीय बेटी लक्ष्मी रविवार दोपहर घर के समीप खेल रही थी। खेलते-खेलते वह पास में ही स्थित कुएं में गिर गई। लोगों के अनुसार घटना की जानकारी होते ही मां आराधना दूबे (20) बेचैन हो गई और बेटी को बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। यह देखकर आसपास की महिलाओं ने शोर मचाया तो लोग जुटे, लेकिन तब तक मां और बेटी की मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव कुएं से बाहर निकलवाए। आराधना के पति जितेंद्र सूरत में नौकरी करते हैं। आराधना का मायका भदोही कोतवाली क्षेत्र के सरायक्षत्रशाह गांव में है। आराधना की तीन साल पूर्व शादी हुई थी। एक साथ दो मौत से आराधना के ससुराल और मायके में चीत्कार मच गई। क्षेत्राधिकारी श्यामशंकर पांडेय ने कहा कि मां-बेटी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इनसेट
जिस दिन उठी डोली, उसी दिन अर्थी
ज्ञानपुर। बेटी को बचाने के चक्कर में जान गंवाने वाली आराधना को क्या पता था कि जिस दिन उसकी डोली उठी थी, उसी दिन अर्थी भी सजेगी। बताया जाता है कि तीन साल पूर्व 28 मई को उसकी शादी हुई थी और 29 मई को वह सरायछत्रशाहपुर मोढ़ से विदा होकर किशुनदेवपुर आई थी।
विज्ञापन
किशुनदेवपुर निवासी जितेंद्र दुबे की डेढ़ वर्षीय बेटी लक्ष्मी रविवार दोपहर घर के समीप खेल रही थी। खेलते-खेलते वह पास में ही स्थित कुएं में गिर गई। लोगों के अनुसार घटना की जानकारी होते ही मां आराधना दूबे (20) बेचैन हो गई और बेटी को बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। यह देखकर आसपास की महिलाओं ने शोर मचाया तो लोग जुटे, लेकिन तब तक मां और बेटी की मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव कुएं से बाहर निकलवाए। आराधना के पति जितेंद्र सूरत में नौकरी करते हैं। आराधना का मायका भदोही कोतवाली क्षेत्र के सरायक्षत्रशाह गांव में है। आराधना की तीन साल पूर्व शादी हुई थी। एक साथ दो मौत से आराधना के ससुराल और मायके में चीत्कार मच गई। क्षेत्राधिकारी श्यामशंकर पांडेय ने कहा कि मां-बेटी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इनसेट
जिस दिन उठी डोली, उसी दिन अर्थी
ज्ञानपुर। बेटी को बचाने के चक्कर में जान गंवाने वाली आराधना को क्या पता था कि जिस दिन उसकी डोली उठी थी, उसी दिन अर्थी भी सजेगी। बताया जाता है कि तीन साल पूर्व 28 मई को उसकी शादी हुई थी और 29 मई को वह सरायछत्रशाहपुर मोढ़ से विदा होकर किशुनदेवपुर आई थी।
विज्ञापन