{"_id":"333c1c8dc20f7024d03480ebf185eab9","slug":"the-influx-of-hospital-patients-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में मरीजों की बाढ़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में मरीजों की बाढ़
The influx of hospital patients
Updated Sun, 10 May 2015 02:16 AM IST
विज्ञापन
भीषण गर्मी और उमस के साथ शादी विवाहों में खान-पान के दौरान लापरवाही भी उन्हें अस्पताल पहुंचाने में सहयोग कर रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में देर रात तक 60 से अधिक मरीज इमर्जेंसी में भर्ती हुए।
भीषण गर्मी के साथ साथ शनिवार को उमस भी अपने चरम पर था। शादी-विवाह का भी समय होने से गर्मी और उसम परेशानी का सबब बना हुआ है।
इससे अस्पतालों में डायरिया, उल्टी-टट्टी, खांसी, सिरदर्द, पेट में ऐंठन, मरोड़ आदि मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वालों का सिलसिला जारी है।
जरा भी खान-पान या फिर धूप-छांव के चलते लापरवाही होने पर बच्चे, बुढे़ से लेकर जवान तक अस्पताल ही नजर आ रहे हैं। शनिवार को महराजा चेतसिंह जिला अस्पताल सुबह से ही मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजों से पटा रहा।
मरीजों के साथ तीमारदारों की भी हालत खराब नजर आई। दवा, पानी के साथ भोजन को लेकर भी उन्हें तरह तरह की समस्या नजर आती रही। इसके अलावा संक्रामक बीमारियों के चलते ओपीडी भी फूल नजर आई। जिला अस्पताल में फिजिशियन, बाल और महिला रोग विशेषज्ञ के ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रही। फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि संक्रामक बीमारियों से बचाव और सावधानी ही एकमात्र उपाय है। इसके चपेट में आते ही चिकित्सक से फौरन सलाह ले। जिससे बीमारी जान लेवा न बन सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
भीषण गर्मी के साथ साथ शनिवार को उमस भी अपने चरम पर था। शादी-विवाह का भी समय होने से गर्मी और उसम परेशानी का सबब बना हुआ है।
इससे अस्पतालों में डायरिया, उल्टी-टट्टी, खांसी, सिरदर्द, पेट में ऐंठन, मरोड़ आदि मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वालों का सिलसिला जारी है।
जरा भी खान-पान या फिर धूप-छांव के चलते लापरवाही होने पर बच्चे, बुढे़ से लेकर जवान तक अस्पताल ही नजर आ रहे हैं। शनिवार को महराजा चेतसिंह जिला अस्पताल सुबह से ही मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजों से पटा रहा।
विज्ञापन
मरीजों के साथ तीमारदारों की भी हालत खराब नजर आई। दवा, पानी के साथ भोजन को लेकर भी उन्हें तरह तरह की समस्या नजर आती रही। इसके अलावा संक्रामक बीमारियों के चलते ओपीडी भी फूल नजर आई। जिला अस्पताल में फिजिशियन, बाल और महिला रोग विशेषज्ञ के ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रही। फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि संक्रामक बीमारियों से बचाव और सावधानी ही एकमात्र उपाय है। इसके चपेट में आते ही चिकित्सक से फौरन सलाह ले। जिससे बीमारी जान लेवा न बन सके।
विज्ञापन