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जिले में जल्द ही बनेेगा ट्रामा सेंटर
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Wed, 27 Apr 2016 07:44 PM IST
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स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ट्रामा सेंटर निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। औराई विधायक की जिले में ट्रामा सेंटर बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने संजीदगी दिखाई है। शासन से निर्देश मिलते ही स्वास्थ्य महकमे ने ट्रामा सेंटर के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखकर ट्रामा सेंटर के लिए 1200 वर्गमीटर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही जिले के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज और सर्जरी आदि के लिए बीएचयू और इलाहाबाद की दौड़ लगाने से राहत मिल जाएगी। जिले में ट्रामा सेंटर के लिए औराई विधायक मधुबाला पासी ने मुख्यमंत्री को पत्र दिया था। इस पर अमल के लिए शासन स्तर पर पहल भी शुरू हो चुकी है। जिलाधिकारी के जरिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे पत्र पर सीएमओ ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को जमीन की उपलब्धता के बाबत अवगत कराया है। वाराणसी से अलग होने के बाद भदोही जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं दयनीय हो गई हैं। अब तक जिला अस्पताल को अपना भवन नसीब नहीं हो सका है। पिछले माह औराई विधायक मधुबाला ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर औराई में रिक्त पड़ी काशी सहकारी चीनी मिल की जमीन पर ट्रामा सेंटर बनवाने की मांग की। इस पर ट्रामा सेंटर निर्माण की संभावनाओं की तलाश के बाबत लखनऊ से प्रशासन के पास पत्र आया। उसे सीएमओ को सुपुर्द कर दिया गया।
पत्र मिलने पर सीएमओ ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र भेजकर चीनी मिल की जमीन को लेकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसमें बताया कि चीनी मिल की जमीन को राज्य सरकार ने अधिग्रहीत किया है। इसलिए विभाग को जमीन उपलब्ध होने के बाद ही ट्रामा सेंटर निर्माण की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है, और निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सीएमओ डॉ. डीके सोनकर का कहना है कि बेड की संख्या के हिसाब से ट्रामा सेंटर निर्माण में खर्च आता है। चार बेड के ट्रामा सेंटर के लिए कम से कम 12 सौ वर्गमीटर जमीन की जरूरत पड़ती है। इस पर लगभग पौने दो करोड़ का खर्च आता है। 2100 वर्ग मीटर रकबे में दस बेड का ट्रामा सेंटर बन सकता है और इस पर छह करोड़ रुपये का खर्च आता है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव उन्होंने शासन को भेज दिया है।
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सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही जिले के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज और सर्जरी आदि के लिए बीएचयू और इलाहाबाद की दौड़ लगाने से राहत मिल जाएगी। जिले में ट्रामा सेंटर के लिए औराई विधायक मधुबाला पासी ने मुख्यमंत्री को पत्र दिया था। इस पर अमल के लिए शासन स्तर पर पहल भी शुरू हो चुकी है। जिलाधिकारी के जरिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे पत्र पर सीएमओ ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को जमीन की उपलब्धता के बाबत अवगत कराया है। वाराणसी से अलग होने के बाद भदोही जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं दयनीय हो गई हैं। अब तक जिला अस्पताल को अपना भवन नसीब नहीं हो सका है। पिछले माह औराई विधायक मधुबाला ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर औराई में रिक्त पड़ी काशी सहकारी चीनी मिल की जमीन पर ट्रामा सेंटर बनवाने की मांग की। इस पर ट्रामा सेंटर निर्माण की संभावनाओं की तलाश के बाबत लखनऊ से प्रशासन के पास पत्र आया। उसे सीएमओ को सुपुर्द कर दिया गया।
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पत्र मिलने पर सीएमओ ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र भेजकर चीनी मिल की जमीन को लेकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसमें बताया कि चीनी मिल की जमीन को राज्य सरकार ने अधिग्रहीत किया है। इसलिए विभाग को जमीन उपलब्ध होने के बाद ही ट्रामा सेंटर निर्माण की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है, और निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सीएमओ डॉ. डीके सोनकर का कहना है कि बेड की संख्या के हिसाब से ट्रामा सेंटर निर्माण में खर्च आता है। चार बेड के ट्रामा सेंटर के लिए कम से कम 12 सौ वर्गमीटर जमीन की जरूरत पड़ती है। इस पर लगभग पौने दो करोड़ का खर्च आता है। 2100 वर्ग मीटर रकबे में दस बेड का ट्रामा सेंटर बन सकता है और इस पर छह करोड़ रुपये का खर्च आता है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव उन्होंने शासन को भेज दिया है।
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