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70 लाख खर्च के बाद भी अधर में तालाब का सुंदरीकरण
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मर्यादपट्टी में गाजी मियां रौजा स्थित तालाब जो इन दिनो सूख चुका है
- फोटो : BHADOHI
भदोही। लाखों खर्च के बाद भी गाजी मियां रौजा स्थित तालाब का सुंदरीकरण का काम पूरा नहीं हो सका। लोगों में एक आस थी कि तालाब का सुंदरीकरण हो जाने पर सुबह चहलकदमी करने के लिए एक स्थान मिल जाएगा। लेकिन नगर वासियों का यह सपना फिलहाल अधूरा ही रह गया है।
जानकारी हो कि भूतपूर्व पालिकाध्यक्ष आरिफ सिद्दीकी के कार्यकाल में मिनी सदन में मर्यादपट्टी रौजा स्थित तालाब के सुंदरीकरण का प्रस्ताव बना था। पालिका ने उस पर काम भी शुरू करा दिया। नए सिरे से तालाब की खोदाई कराई गई। पानी भरने के लिए पंप लगाया गया। किनारे-किनारे सुंदरीकरण कराया गया। कुल मिलाकर जब 75 फीसदी तक काम हो गया और लगभग 70 लाख रुपये खर्च हो गए तो तालाब की जमीन विवादों में फंस गई और काम रोक देना पड़ा और फिर आज तक काम शुरू नहीं हो सका।
कई बार विवाद के पटाक्षेप के लिए बैठकें भी हुईं लेकिन बात नहीं बनी। बताया जा रहा है कि अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्थगन आदेश हैं। लगभग तीन वर्ष से तालाब को ऐसे ही छोड़ दिए जाने से तालाब न केवल सूख गया है बल्कि रखरखाव के अभाव में तालाब अपनी सुंदरता खोता जा रहा है। चारों ओर झाड़ियों का कब्जा हो चुका है तथा लोग वहां जाना भी पसंद नहीं करते।
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तालाब के निर्माण के दौरान ही मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। जहां से स्थगन आदेश होने से पालिका ने अपना हाथ खींच लिया है। भविष्य में कोई बात बनती है तो निश्चित रूप से सुंदरीकरण का काम पूरा कराया जाएगा। जी.लाल, ईओ, नगर पालिका परिषद भदोही।
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जानकारी हो कि भूतपूर्व पालिकाध्यक्ष आरिफ सिद्दीकी के कार्यकाल में मिनी सदन में मर्यादपट्टी रौजा स्थित तालाब के सुंदरीकरण का प्रस्ताव बना था। पालिका ने उस पर काम भी शुरू करा दिया। नए सिरे से तालाब की खोदाई कराई गई। पानी भरने के लिए पंप लगाया गया। किनारे-किनारे सुंदरीकरण कराया गया। कुल मिलाकर जब 75 फीसदी तक काम हो गया और लगभग 70 लाख रुपये खर्च हो गए तो तालाब की जमीन विवादों में फंस गई और काम रोक देना पड़ा और फिर आज तक काम शुरू नहीं हो सका।
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कई बार विवाद के पटाक्षेप के लिए बैठकें भी हुईं लेकिन बात नहीं बनी। बताया जा रहा है कि अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्थगन आदेश हैं। लगभग तीन वर्ष से तालाब को ऐसे ही छोड़ दिए जाने से तालाब न केवल सूख गया है बल्कि रखरखाव के अभाव में तालाब अपनी सुंदरता खोता जा रहा है। चारों ओर झाड़ियों का कब्जा हो चुका है तथा लोग वहां जाना भी पसंद नहीं करते।
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तालाब के निर्माण के दौरान ही मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। जहां से स्थगन आदेश होने से पालिका ने अपना हाथ खींच लिया है। भविष्य में कोई बात बनती है तो निश्चित रूप से सुंदरीकरण का काम पूरा कराया जाएगा। जी.लाल, ईओ, नगर पालिका परिषद भदोही।