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केएनपीजी कॉलेज में छात्र युवा संसद का आयोजन
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ज्ञानपुर। केएनपीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने और भदोही जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर छात्र नेताओं ने आंदोलन का एलान किया है। रविवार को छात्र युवा संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित छात्र युवा संसद में छात्रनेताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जिले के विकास के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत पर बल दिया।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले दो दशक की सरकारों की लगातार उपेक्षाओं के चलते जिले की समस्याएं विकट रूप ले चुकी हैं। 1951 में स्थापित केएनपीजी कॉलेज अब तक विश्वविद्यालय नहीं बन पाया, जबकि इसके साथ के महाविद्यालय विश्वविद्यालय बन चुके हैं। जिले में न तो मेडिकल कॉलेज हैं ना ही लंबे समय से बंद चल रही औराई चीनी मिल को चलाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई जा रही है। इसके अलावा रामपुर, डेंगुरपुर में गंगा पर पक्का पुल और गोपीगंज-भदोही रोड को फोरलेन बनाने की जरूरत है। इसके लिए आंदोलन के पहले चरण का आगाज हस्ताक्षर अभियान से किया जाएगा। इसमें जिले की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों और युवाओं को संगठित कर राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। चीनी मिल बंद होने के कारण हजारों लोग भुखमरी की कगार पर हैं। कहा कि जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसके लिए देश-प्रदेश की सरकारों के साथ जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं। इस मौके पर छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश प्रकाश तिवारी, पूर्व महामंत्री दीपक पांडेय, सूबेदार सिंह, पूर्व अध्यक्ष आनंद पांडेय, अनुज तिवारी, संतोष यादव, दीपक तिवारी, मनीष यादव, प्रथम पांडेय, शिवम तिवारी, वैभव मिश्रा, विजय राय, दीपक उपाध्याय, लवकुश यादव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन छात्रनेता शिवम शुक्ला ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि पिछले दो दशक की सरकारों की लगातार उपेक्षाओं के चलते जिले की समस्याएं विकट रूप ले चुकी हैं। 1951 में स्थापित केएनपीजी कॉलेज अब तक विश्वविद्यालय नहीं बन पाया, जबकि इसके साथ के महाविद्यालय विश्वविद्यालय बन चुके हैं। जिले में न तो मेडिकल कॉलेज हैं ना ही लंबे समय से बंद चल रही औराई चीनी मिल को चलाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई जा रही है। इसके अलावा रामपुर, डेंगुरपुर में गंगा पर पक्का पुल और गोपीगंज-भदोही रोड को फोरलेन बनाने की जरूरत है। इसके लिए आंदोलन के पहले चरण का आगाज हस्ताक्षर अभियान से किया जाएगा। इसमें जिले की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों और युवाओं को संगठित कर राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। चीनी मिल बंद होने के कारण हजारों लोग भुखमरी की कगार पर हैं। कहा कि जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसके लिए देश-प्रदेश की सरकारों के साथ जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं। इस मौके पर छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश प्रकाश तिवारी, पूर्व महामंत्री दीपक पांडेय, सूबेदार सिंह, पूर्व अध्यक्ष आनंद पांडेय, अनुज तिवारी, संतोष यादव, दीपक तिवारी, मनीष यादव, प्रथम पांडेय, शिवम तिवारी, वैभव मिश्रा, विजय राय, दीपक उपाध्याय, लवकुश यादव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन छात्रनेता शिवम शुक्ला ने किया।
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