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साथ-साथ होगा नाला खुदाई और सड़क निर्माण का कार्य
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लालानगर। जलभराव के कारण बरबाद हो रही फसल और फंसी रबी की बुवाई से परेशान किसानों के सड़क पर उतरने के बाद जलनिकासी के लिए नाला निर्माण का काम तेज हो गया। अमर उजाला में यह समस्या प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बुधवार को मौके पर पहुंचे एडीएम राम सिंह वर्मा और एनएचएआई के परियोजना निदेशक अश्विनी राय की मौजूदगी में नाला खुदाई और सड़क निर्माण कार्य साथ-साथ कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही कालीन कंपनी ओबीटी के बनाए गए पक्के नाले को तोड़कर गहरे नाले की खुदाई काम तेज हो गया।
पिछले दिनों भारी बारिश के कारण झिलियापुल में मिलने वाले बाहा से पर्याप्त जल निकासी नहीं होने से दर्जनों गांवों में बारिश का पानी भर गया था और फसल पूरी तरह डूब गई थी।फसलों में जलभराव अब तक है। इसको लेकर ग्रामीण नाराज हो गए थे और एनएचएआई एवं कालीन कंपनी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने आश्वाशन दिया था कि शीघ्र बाहा को बनवाया जाए। इस क्रम में चार दिन पहले एडीएम, औराई उपजिलाधिकारी और एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के बीच फैसला लिया गया था कि बाहा की भूमि पर निजी कंपनी के बनवाए गए नाले को तोड़वाकर पांच फीट मोटा पाइप पूरे बाहे में डलवाकर झिलियापुल से मिलवा दिया जाएगा। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग कर्मियों ने लगभग 70 फीट तक जेसीबी लगाकर निजी कंपनी की नाली को हटाकर खुदाई कर दी और आगे की खुदाई को रोक दिया गया था। अब आलम यह है कि एक तरफ पूर्व से जमा पानी दूसरी तरफ निजी कंपनी का पानी किसानों के खेतों में भर रहे हैं, जिसको लेकर नाराज किसानों ने प्रदर्शन करते हुए मांग की थी कि बाहे को शीघ्र बनवाया जाए ताकि काश्तकारों की खेती बाड़ी का नुकसान रुक सके। बुधवार को अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित होने के बाद एडीएम राम सिंह वर्मा, एनएचआई के परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार राय, मैनेजर टेक्निकल रामचंद्र, प्रेसीडेंट इंजीनियर अनिल कुमार पांडेय आदि ने झिलियापुल पहुंचकर ग्रामीणों और जिला पंचायत सदस्य अखिलेंद्र सिंह बघेल से मुलाकात कर नाले की खुदाई और सड़क दोनों का निर्माण साथ साथ करवाने की बात कही।
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पिछले दिनों भारी बारिश के कारण झिलियापुल में मिलने वाले बाहा से पर्याप्त जल निकासी नहीं होने से दर्जनों गांवों में बारिश का पानी भर गया था और फसल पूरी तरह डूब गई थी।फसलों में जलभराव अब तक है। इसको लेकर ग्रामीण नाराज हो गए थे और एनएचएआई एवं कालीन कंपनी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने आश्वाशन दिया था कि शीघ्र बाहा को बनवाया जाए। इस क्रम में चार दिन पहले एडीएम, औराई उपजिलाधिकारी और एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के बीच फैसला लिया गया था कि बाहा की भूमि पर निजी कंपनी के बनवाए गए नाले को तोड़वाकर पांच फीट मोटा पाइप पूरे बाहे में डलवाकर झिलियापुल से मिलवा दिया जाएगा। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग कर्मियों ने लगभग 70 फीट तक जेसीबी लगाकर निजी कंपनी की नाली को हटाकर खुदाई कर दी और आगे की खुदाई को रोक दिया गया था। अब आलम यह है कि एक तरफ पूर्व से जमा पानी दूसरी तरफ निजी कंपनी का पानी किसानों के खेतों में भर रहे हैं, जिसको लेकर नाराज किसानों ने प्रदर्शन करते हुए मांग की थी कि बाहे को शीघ्र बनवाया जाए ताकि काश्तकारों की खेती बाड़ी का नुकसान रुक सके। बुधवार को अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित होने के बाद एडीएम राम सिंह वर्मा, एनएचआई के परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार राय, मैनेजर टेक्निकल रामचंद्र, प्रेसीडेंट इंजीनियर अनिल कुमार पांडेय आदि ने झिलियापुल पहुंचकर ग्रामीणों और जिला पंचायत सदस्य अखिलेंद्र सिंह बघेल से मुलाकात कर नाले की खुदाई और सड़क दोनों का निर्माण साथ साथ करवाने की बात कही।
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