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गौरैया को बचाने में सहभागिता पर दिया जोर
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Sat, 23 Apr 2016 02:13 AM IST
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Professor of the exhibition Keanpiji sparrow conservation Dokcommal
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पिपरी स्थित मॉर्डन पब्लिक हाईस्कूल में शुक्रवार को गौरेया संरक्षण को लेकर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय (केएनपीजी) के पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने कार्यक्रम में बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए विलुप्त होती गौरैया पक्षी को बचाने में सबकी सहभागिता पर जोर दिया। प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्रों ने आकर्षक घोंसले बनाकर जागरुकता का परिचय दिया।
डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि हम सबको याद है कि गौरैया की पहुंच पहले हमारे घरों तक थी। तब वे घरों में घोंसला भी बना लेती थी, कोई रोकता नहीं था। चिड़ियों की चहचहाहट से हमारी नींद खुलती थी। उन चिडियों से हमें सामाजिक एकता की सीख मिलती थी। लेकिन, आज चिड़ियों के लिए नाजुक स्थिति का दौर चल रहा है। उनके संरक्षण में सबको आगे आने की जरूरत है। चिड़ियों को आज कोई पानी दाना देने वाला नहीं है। कहा कि इन चिड़ियों के संरक्षण के लिए पर्यावण संरक्षण महत्वपूर्ण है। सभी चिडियां हमारे जीवन के लिए कीमती हैं। हमें इनकी रक्षा के लिए गंभीर रहना होगा। लोगों से अपने घर की छतों पर दाना व मिट्टी के घड़ो में पानी रखने का आह्वान किया। प्रदर्शनी में प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव, प्रधानाचार्य राजेंद्र यादव, अशोक शर्मा, रामजीत यादव, मोहन पाल, संजय यादव, अखिलेश गौड, सुनील मौर्य, सुषमा श्रीवास्तव, सुशील यादव, शरद यादव, शिवलोचन गिरी आदि मौजूद रहे।
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डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि हम सबको याद है कि गौरैया की पहुंच पहले हमारे घरों तक थी। तब वे घरों में घोंसला भी बना लेती थी, कोई रोकता नहीं था। चिड़ियों की चहचहाहट से हमारी नींद खुलती थी। उन चिडियों से हमें सामाजिक एकता की सीख मिलती थी। लेकिन, आज चिड़ियों के लिए नाजुक स्थिति का दौर चल रहा है। उनके संरक्षण में सबको आगे आने की जरूरत है। चिड़ियों को आज कोई पानी दाना देने वाला नहीं है। कहा कि इन चिड़ियों के संरक्षण के लिए पर्यावण संरक्षण महत्वपूर्ण है। सभी चिडियां हमारे जीवन के लिए कीमती हैं। हमें इनकी रक्षा के लिए गंभीर रहना होगा। लोगों से अपने घर की छतों पर दाना व मिट्टी के घड़ो में पानी रखने का आह्वान किया। प्रदर्शनी में प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव, प्रधानाचार्य राजेंद्र यादव, अशोक शर्मा, रामजीत यादव, मोहन पाल, संजय यादव, अखिलेश गौड, सुनील मौर्य, सुषमा श्रीवास्तव, सुशील यादव, शरद यादव, शिवलोचन गिरी आदि मौजूद रहे।
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