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थाना समाधान दिवस: न्याय की आस में लगाते हैं चक्कर
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जिले के सभी नौ थानों और कोतवाली में शनिवार को समाधान दिवस में आए 50 फरियादियों में से मात्र चार को ही त्वरित न्याय मिल सका। 46 फरियादी आश्वासन के सहारे अपने घरों को लौट गए। राजस्व से जुड़े अधिकतर मामले लंबित रह गए। कई फरियादी बीते तीन महीने से हर समाधान दिवस में न्याय की आस लेकर आ रहे हैं, लेकिन आश्वासन देकर लौटाया जा रहा है।
ग्रामीण और शहरी इलाकों में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर अक्सर विवाद होता है। थाना समाधान से लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में ऐसे मामले पहुंचते हैं। अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर शांत हो जाते हैं। शनिवार को समाधान दिवस में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। चौरी थाने में चार प्रार्थना पत्र आए, जिसमें मौके पर दो का निस्तारण हो सका। थाने पर वही चेहरे दिखे जो अक्सर समाधान दिवस पर आते हैं। मौके पर हल्का लेखपाल को मामले का हल करने के निर्देश तो दे दिए जाते हैं, फिर भी वही पीड़ित समाधान दिवस में दिखते है। गोपालपुर, पल्हैया, जमुवा से आए पीड़ितों को न्याय एक बार फिर नहीं मिल सका। थानेदार ने कहा कि सभी मामले राजस्व से संबंधित हैं। विभाग को ही हल करना है। पुलिस तो सिर्फ सुरक्षा के लिए मौजूद रहेगी। इसी तरह कोइरौना में दो, औराई में 15, सुरियावां में पांच, ज्ञानपुर में पांच, दुर्गागंज में चार शिकायतों में से एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। ऊंज में आए छह मामलों में से एक, भदोही में पांच में से एक और गोपीगंज में दो प्रार्थना पत्रों में दो का निस्तारण हो सका।
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ग्रामीण और शहरी इलाकों में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर अक्सर विवाद होता है। थाना समाधान से लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में ऐसे मामले पहुंचते हैं। अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर शांत हो जाते हैं। शनिवार को समाधान दिवस में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। चौरी थाने में चार प्रार्थना पत्र आए, जिसमें मौके पर दो का निस्तारण हो सका। थाने पर वही चेहरे दिखे जो अक्सर समाधान दिवस पर आते हैं। मौके पर हल्का लेखपाल को मामले का हल करने के निर्देश तो दे दिए जाते हैं, फिर भी वही पीड़ित समाधान दिवस में दिखते है। गोपालपुर, पल्हैया, जमुवा से आए पीड़ितों को न्याय एक बार फिर नहीं मिल सका। थानेदार ने कहा कि सभी मामले राजस्व से संबंधित हैं। विभाग को ही हल करना है। पुलिस तो सिर्फ सुरक्षा के लिए मौजूद रहेगी। इसी तरह कोइरौना में दो, औराई में 15, सुरियावां में पांच, ज्ञानपुर में पांच, दुर्गागंज में चार शिकायतों में से एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। ऊंज में आए छह मामलों में से एक, भदोही में पांच में से एक और गोपीगंज में दो प्रार्थना पत्रों में दो का निस्तारण हो सका।
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