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पीने का पानी के लिए मारामारी
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
Updated Wed, 27 Apr 2016 07:44 PM IST
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खरगपुर गांव में हैंडपंप पर पानी के लिए जुटी ग्रामीणों की भीड़।
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भीषण गर्मी में जिले के गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा है। जरूरत बढ़ते ही जहां पेयजल संसाधन जवाब दे गए हैं, वहीं इस लिहाज से पूर्व तैयारियों का अभाव ग्रामीणों के लिए मुश्किलों का सबब है। बड़ी संख्या में हैंडपंप या तो खराब हैं, या फिर रिबोर न होने के कारण उनका पानी पीने लायक नहीं है। ऐसे में इक्का-दुक्का जो हैंडपंप ठीक हैं, उन पर पानी को लेकर मारामारी की स्थिति है।
पाताल सोखती गर्मी के बीच जिले में पेयजल समस्या गंभीर हो चली है। गांवों में हालात और भी खराब हो गए हैं। ज्यादातर घरों में लगे निजी हैंडपंपों में से 90 फीसदी से अधिक खराब हो गए हैं। जो ठीक हैं, उनमें से कई का पानी पीने लायक नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने पानी को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। कई हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं। पेयजल के अन्य साधन न होने के कारण ग्रामीणों को दूर से पानी ढोकर लाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। क्षेत्र के खरगपुर गांव में लगा हैंडपंप दो महीने से खराब है।
इसको लेकर बुधवार को ग्रामीणों में खासा रोष दिखा। एक ही हैंडपंप होने के कारण पानी लेने के लिए लोगों की कतार लगी थी। पानी लेने पहुंचे गांव के राजन बेनवंशी, पत्तू, शेरई, राजू, मनोज, भोनू, शीला, सावित्री, नंदलाल, गुल्लर, पन्ना, मुधना देवी, पूजा, मंजू आदि ने कहा कि ग्रामीणों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। जबकि जिम्मेदार लोगों से कई बार कहा भी गया। जलनिगम के एक्सईएन एसएन तिवारी ने कहा कि सरकारी हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि जलस्तर 24 मीटर से नीचे चला गया है। निजी हैंडपंप तो और भी कम बोर होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 1500 और नगरीय क्षेत्र के 300 हैंडपंपों के रिबोर के लिए प्रस्ताव जिला योजना समिति में रखा गया है। जल्द ही समस्या को दूर कराया जाएगा।
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पाताल सोखती गर्मी के बीच जिले में पेयजल समस्या गंभीर हो चली है। गांवों में हालात और भी खराब हो गए हैं। ज्यादातर घरों में लगे निजी हैंडपंपों में से 90 फीसदी से अधिक खराब हो गए हैं। जो ठीक हैं, उनमें से कई का पानी पीने लायक नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने पानी को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। कई हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं। पेयजल के अन्य साधन न होने के कारण ग्रामीणों को दूर से पानी ढोकर लाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। क्षेत्र के खरगपुर गांव में लगा हैंडपंप दो महीने से खराब है।
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इसको लेकर बुधवार को ग्रामीणों में खासा रोष दिखा। एक ही हैंडपंप होने के कारण पानी लेने के लिए लोगों की कतार लगी थी। पानी लेने पहुंचे गांव के राजन बेनवंशी, पत्तू, शेरई, राजू, मनोज, भोनू, शीला, सावित्री, नंदलाल, गुल्लर, पन्ना, मुधना देवी, पूजा, मंजू आदि ने कहा कि ग्रामीणों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। जबकि जिम्मेदार लोगों से कई बार कहा भी गया। जलनिगम के एक्सईएन एसएन तिवारी ने कहा कि सरकारी हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि जलस्तर 24 मीटर से नीचे चला गया है। निजी हैंडपंप तो और भी कम बोर होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 1500 और नगरीय क्षेत्र के 300 हैंडपंपों के रिबोर के लिए प्रस्ताव जिला योजना समिति में रखा गया है। जल्द ही समस्या को दूर कराया जाएगा।
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