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Bhadohi News: स्कूल मिलने की तिथि बदली, अब 20-21 को आवंटन
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सूबे के अलग-अलग जिलों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों के स्कूल आवंटन तिथि बदल गई है, अब आवंटन 20-21 सितंबर को होना तय हुआ है। सचिव बेसिक शिक्षा का पत्र आने पर बेसिक शिक्षा विभाग उसे प्रभावी बनाने में जुट गया है। स्कूल आवंटन से दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे 100 से अधिक विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों का अनुपात भी बेहतर होने की उम्मीद है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें एक लाख 55 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए करीब 3800 शिक्षक, 500 अनुदेशक और आठ सौ शिक्षामित्र तैनात हैं। पिछले महीने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत दो चरणाें में 209 शिक्षक जिले में आए। अगस्त में होने वाला स्कूल आवंटन अपरिहार्य कारणों से रुक गया था। इससे अस्थायी तौर पर ही शिक्षक भेजे गए स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में स्कूल आवंटन के लिए पत्र आया। इसमें 13 सितंबर को हेडमास्टर और 16 सितंबर को सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटित करना था। 13 सितंबर को चार हेडमास्टर को स्कूल आवंटित किया गया, लेकिन 205 सहायक अध्यापकों के आवंटन की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। सूबे के कई जिलों में विभागीय प्रक्रिया पूर्ण न होने पर सचिव बेसिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल ने पत्र भेजकर 20 और 21 सितंबर को स्कूल आवंटन का निर्देश दिया। स्कूल आवंटन शासन से ही निर्धारित होना है। जिसे विद्यालय में एक या दो ही शिक्षक हैं पहले वहीं विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। इससे दो शिक्षकों के सहारे चलने वाले 50 से 60 स्कूलों में शिक्षकों का समयोजन बेहतर होने की उम्मीद है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि स्कूल आवंटन को लेकर पत्र आया है। इसमें 20- 21 सितंबर को प्रक्रिया पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि सब कुछ बेसिक शिक्षा परिषद से ही तय होगा। महिला व दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन स्कूलों में एक या दो शिक्षक हैं, पहले उन्हें भरा जाएगा।
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दो साल से नहीं हैं अंग्रेजी के शिक्षक
डीघ ब्लॉक पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोनिया और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहुपुरा बीते दो वर्षों से दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। दोनों स्कूलों में गणित व विज्ञान के शिक्षक हैं, लेकिन अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। स्कूल आवंटन के दौरान इन दोनों स्कूलों में खाली सीटें भरी जा सकती हैं।
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केवल हेडमास्टर के भरोसे स्कूल
डीघ ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय कूड़ी कला में प्राथमिक विद्यालय में तो सभी शिक्षक हैं, लेकिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय केवल हेडमास्टर के भरोसे चल रहा है। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को भी पढ़ाने का कार्य करते हैं।
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जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें एक लाख 55 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए करीब 3800 शिक्षक, 500 अनुदेशक और आठ सौ शिक्षामित्र तैनात हैं। पिछले महीने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत दो चरणाें में 209 शिक्षक जिले में आए। अगस्त में होने वाला स्कूल आवंटन अपरिहार्य कारणों से रुक गया था। इससे अस्थायी तौर पर ही शिक्षक भेजे गए स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में स्कूल आवंटन के लिए पत्र आया। इसमें 13 सितंबर को हेडमास्टर और 16 सितंबर को सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटित करना था। 13 सितंबर को चार हेडमास्टर को स्कूल आवंटित किया गया, लेकिन 205 सहायक अध्यापकों के आवंटन की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। सूबे के कई जिलों में विभागीय प्रक्रिया पूर्ण न होने पर सचिव बेसिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल ने पत्र भेजकर 20 और 21 सितंबर को स्कूल आवंटन का निर्देश दिया। स्कूल आवंटन शासन से ही निर्धारित होना है। जिसे विद्यालय में एक या दो ही शिक्षक हैं पहले वहीं विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। इससे दो शिक्षकों के सहारे चलने वाले 50 से 60 स्कूलों में शिक्षकों का समयोजन बेहतर होने की उम्मीद है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि स्कूल आवंटन को लेकर पत्र आया है। इसमें 20- 21 सितंबर को प्रक्रिया पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि सब कुछ बेसिक शिक्षा परिषद से ही तय होगा। महिला व दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन स्कूलों में एक या दो शिक्षक हैं, पहले उन्हें भरा जाएगा।
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दो साल से नहीं हैं अंग्रेजी के शिक्षक
डीघ ब्लॉक पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोनिया और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहुपुरा बीते दो वर्षों से दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। दोनों स्कूलों में गणित व विज्ञान के शिक्षक हैं, लेकिन अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। स्कूल आवंटन के दौरान इन दोनों स्कूलों में खाली सीटें भरी जा सकती हैं।
केवल हेडमास्टर के भरोसे स्कूल
डीघ ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय कूड़ी कला में प्राथमिक विद्यालय में तो सभी शिक्षक हैं, लेकिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय केवल हेडमास्टर के भरोसे चल रहा है। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को भी पढ़ाने का कार्य करते हैं।