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Bhadohi News: 150 गांव में आरआरसी निर्माण शुरू, 152 में जमीन की तलाश
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ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में पांच हजार से कम आबादी वाले 302 मॉडल गांवों में 13.59 करोड़ से रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण होगा। 150 गांव में निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि 152 गांव में जमीन की तलाश की जा रही है। इससे गांव में निकलने वाले ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। सचिव और ग्राम प्रधानों को मार्च 2024 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में एकल शौचालय और सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है, लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। इसे ठीक करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में 12 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण, ठोस कूड़ा प्रबंधन, वर्मी कंपोस्ट पिट निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके बाद गंगा से सटे 47 ग्राम पंचायतों को भी इसमें शामिल किया गया है। तीसरे चरण में पांच हजार से कम आबादी वाले 302 गांवों को भी मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया। इन गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर का निर्माण भी कराने की कवायद भी शुरू हो गई है। इन ग्राम पंचायत में रिकवरी रिसोर्स सेंटर के निर्माण पर करीब साढ़े चार लाख तक खर्च आएंगा। कार्ययोजना स्वीकृत होने पर उसे पूरा कराने की तिथि भी तय की गई है। पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 150 गांवों में जमीन मिलने पर निर्माण शुरू करा दिया गया है जबकि 152 गांव में जमीन की तलाश की जा रही है।
यह है रिसोर्स रिकवरी सेंटर
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर निर्माण की योजना है। यहां पर ठोस और तरल कचरे को अलग किया जाएगा। कचरे को उपयोगी बनाने के लिए कार्य होगा। इससे बायोगैस और जैविक खाद भी तैयार होगी। स्वयं सहायता समूहों को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी।
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ये होंगे काम
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों को सुंदर व मॉडल बनाने के लिए स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलेगा। हर गली व चौराहे पर पथ प्रकाश की व्यवस्था होगी। इतना ही नहीं तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। गांवों में सड़कों की मरम्मत होगी, सीसी रोड निर्माण, जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा। कहीं पर भी कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए जाएंगे। पार्क विकसित करने के साथ व्यायामशाला व वालीबॉल कोर्ट के निर्माण भी कराए जाएंगे।
पांच हजार से कम आबादी वाले 302 गांवों में रिकवरी रिसोर्स सेंटर का निर्माण होना है। तीन से पांच लाख रूपये एक गांव में निर्माण पर खर्च होगा। 150 गांव में जमीन मिलने से काम शुरू कर दिया गया है, जबकि शेष में जमीन मिलने पर काम होगा। इसके लिए सचिव और ग्राम प्रधान को निर्देश दिया गया है। - सरोज कुमार पांडेय, डीसी स्वच्छता मिशन।
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जिले की 546 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में एकल शौचालय और सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है, लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। इसे ठीक करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में 12 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण, ठोस कूड़ा प्रबंधन, वर्मी कंपोस्ट पिट निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके बाद गंगा से सटे 47 ग्राम पंचायतों को भी इसमें शामिल किया गया है। तीसरे चरण में पांच हजार से कम आबादी वाले 302 गांवों को भी मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया। इन गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर का निर्माण भी कराने की कवायद भी शुरू हो गई है। इन ग्राम पंचायत में रिकवरी रिसोर्स सेंटर के निर्माण पर करीब साढ़े चार लाख तक खर्च आएंगा। कार्ययोजना स्वीकृत होने पर उसे पूरा कराने की तिथि भी तय की गई है। पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 150 गांवों में जमीन मिलने पर निर्माण शुरू करा दिया गया है जबकि 152 गांव में जमीन की तलाश की जा रही है।
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यह है रिसोर्स रिकवरी सेंटर
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर निर्माण की योजना है। यहां पर ठोस और तरल कचरे को अलग किया जाएगा। कचरे को उपयोगी बनाने के लिए कार्य होगा। इससे बायोगैस और जैविक खाद भी तैयार होगी। स्वयं सहायता समूहों को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी।
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ये होंगे काम
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों को सुंदर व मॉडल बनाने के लिए स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलेगा। हर गली व चौराहे पर पथ प्रकाश की व्यवस्था होगी। इतना ही नहीं तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। गांवों में सड़कों की मरम्मत होगी, सीसी रोड निर्माण, जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा। कहीं पर भी कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए जाएंगे। पार्क विकसित करने के साथ व्यायामशाला व वालीबॉल कोर्ट के निर्माण भी कराए जाएंगे।
पांच हजार से कम आबादी वाले 302 गांवों में रिकवरी रिसोर्स सेंटर का निर्माण होना है। तीन से पांच लाख रूपये एक गांव में निर्माण पर खर्च होगा। 150 गांव में जमीन मिलने से काम शुरू कर दिया गया है, जबकि शेष में जमीन मिलने पर काम होगा। इसके लिए सचिव और ग्राम प्रधान को निर्देश दिया गया है। - सरोज कुमार पांडेय, डीसी स्वच्छता मिशन।